ग्वालियर: शहर के वार्ड 36 में रहने वाले गरीब पुजारी का परिवार इन दिनों बेहद परेशान हैं. बताया गया है कि क्षेत्र के दबंग उनको सरकारी बोरिंग से कनेक्शन नहीं लेने दे रहे हैं. हालात ये हैं कि मोती झील सप्लाई से मिलने वाले गंदे पानी के चलते उनकी पत्नी बीमाऱ हो गई हैं. बाबजूद इसके दबंगो को पीड़ित परिवार पर रहम नहीं आ रहा है.
दरअसल वार्ड 36 में जीवाजीगंज स्थित पीजीव्ही कॉलेज के पास गली में रहने वाले चंद्रेश मिश्रा पेशे से पुजारी हैं. परिवार में मां और उनकी पत्नी हैं. चंद्रेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए बड़े भाई ने हाल ही में छोटा सा मकान दिलवाया है. चंद्रेश, शान्ति नगर और बावन पाएगा के दो मंदिरों में पूजा – अर्चना सबंधी काम करके अपने परिवार का भरण -पोषण करते हैं.
चंद्रेश का आरोप है कि मोहल्ले के दबंग उन्हें सरकारी बोरिंग से कनेक्शन नहीं लेने दे रहे हैं. जबकि कुछ दिनों से मोती झील से हो रही गंदे पानी की सप्लाई के चलते उनकी पत्नी स्नेहा बीमार हो गई हैं. चंद्रेश बताते हैं, एक – दो बार बोरिंग से कनेक्शन लेने के लिए मजदूर बुलाये थे, लेकिन मोहल्ले के तथाकथित दबंग ने उन्हें डरा धमकाकर भगा दिया. इस बारे में उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद भावना कन्नौजिया के पिता से सहयोग मांगा, लेकिन उनसे कोई मदद नहीं मिली.
वार्ड में भाजपा की पार्षद हैं और उनका सारा कामकाज उनके पिता ही देखते हैं. यहाँ तक की पार्षद से सम्पर्क करने पर कॉल रिसीव भी उनके पिता ही करते हैं. वहीं इस बारे में ज़ब पार्षद पिता से बात की तो पहले उन्होंने मामले से अनिभिज्ञता जाहिर कर दी और मामला समझने का समय मांगा. दो दिन बाद पुनः ज़ब पार्षद पिता से मोबाइल पर सम्पर्क किया गया तो उनका कहना था कि चंद्रेश मिश्रा ने हाल ही में मकान खरीदा है. इससे पहले गली का सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका था. ऐसे में नवनिर्मित सड़क खुदवाई नहीं जा सकती है.
सीधा संवाद ने ज़ब उन्हें चंद्रेश की समस्या का विकल्प सुझाया और कहा कि मोती झील सप्लाई से मिल रहा गन्दा पानी पीने से उनकी पत्नी बीमाऱ हो गईं हैं. अगर सरकारी बोरिंग से कनेक्शन मिल जाएगा तो उनके पास पानी मिलने का दूसरा विकल्प होगा. इस पर पार्षद पिता ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि मेरे यहाँ भी बोरिंग का कनेक्शन नहीं है और मैं भी गन्दा पानी पी रहा हूं. सभी पी रहे हैं. आगे उन्होंने कहा कि हरेक के घर में बोरिंग नहीं लगवाई जा सकती है.
फिलहाल पीड़ित परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर है. साथ ही उन्हें आशंका जाहिर की है कि कहीं इंदौर में भागीरथपुरा के प्रभावितों जैसा उनके परिवार के साथ कोई हादसा ना हो जाए
