
खंडवा। जिले की पिपलोद पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और काबिलियत का लोहा मनवाया है। थाना पिपलोद क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा खुर्द के सरपंच टांडा में हुए सनसनीखेज सरपंच पति हत्याकांड के अंधे कत्ल का पुलिस ने मात्र 48 घंटे में सफल खुलासा कर दिया है। इस बड़ी सफलता से पूरे पुलिस महकमे में हर्ष है।
बताया जा रहा है कि ग्राम बोरखेड़ा खुर्द में सरपंच पति रूमसिंग की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। बेटे राजू की रिपोर्ट पर थाना पिपलोद में अपराध क्रमांक 376/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामला सरपंच परिवार से जुड़ा और अंधा कत्ल होने से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था।
एसपी ने दिए थे त्वरित खुलासे के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिपलोद निरीक्षक विक्रम धार्वे के नेतृत्व में तत्काल 3 अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर सेल खंडवा की तकनीकी मदद ली।कॉल डिटेल, लोकेशन और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रात-दिन एक कर दिया और आखिरकार 24 घंटे के अंदर ही इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये हैं गिरफ्तार हत्यारे –
1. साहदर उर्फ सरदार पिता कलसिंग (40 वर्ष) निवासी ग्राम आमाखुजरी भिलाईखेड़ा
2. दिनेश पिता नानसिंग (19 वर्ष) निवासी आमाखुजरी भिलाईखेड़ा
3. अनिल पिता कलसिंह निवासी आमाखुजरी भिलाईखेड़ा
रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ समय पूर्व वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान उनके मकान तोड़े गए थे। उन्हें शक था कि यह कार्रवाई सरपंच पति रूमसिंग के कहने पर हुई है। इसी रंजिश को दिल में रखकर उन्होंने हत्या की साजिश रची और मौका पाकर गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया।
2 फरार, तलाश जारी
इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य आरोपी छतर सिंह पिता लाखासिंह और सुरमल पिता मुआ सिंह दोनों निवासी आमाखुजरी भिलाईखेड़ा अभी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाकर तलाश तेज कर दी है, जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।
इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान
इस उत्कृष्ट कार्य में थाना प्रभारी विक्रम धार्वे, उनि प्रेम सिंह जामोद, आरक्षक धीरज बेंजामिन, थाना पिपलोद स्टाफ और साइबर सेल के प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर सुनील लांडगे, प्रआर रामनरेश यादव, आरक्षक नरेन्द्र मुकाती की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। आरक्षक धीरज बेंजामिन, थाना पिपलोद स्टाफ और साइबर सेल के प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर सुनील लांडगे, प्रआर रामनरेश यादव, आरक्षक नरेन्द्र मुकाती की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
