
इंदौर। देश में शिक्षा प्रणाली को लेकर राहुल गांधी रचनात्मक और सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं । 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। राहुल गांधी की सोच है कि शिक्षा के क्षेत्र में देश कैसे नंबर वन बने ? इसको लेकर छात्रों से चर्चा कर रहे हैं। उक्त बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रेसवार्ता में कही । राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान पर होगा। इसमें कांग्रेस का एक भी कार्यकर्ता मौजूद नहीं रहेगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी की अलग मुलाकात होगी। प्रेसवार्ता में उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कहा जा रहा है कि भारत को विश्व गुरु बनाना है। पटवारी ने सवाल उठाया कि पर कैसे बनेगा ? 152 पेपर लीक और 50 परीक्षाएं निरस्त हुई है , पिछले 12 सालों में । छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
पटवारी ने कहा , मध्य प्रदेश की बात करे तो एकल शिक्षक प्रणाली चल रही है, जिसमें एक शिक्षक द्वारा पूरे स्कूल के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। एक साथ कक्षाएं लग रही है, बच्चें कैसे पढ़ेंगे ? पटवारी ने कहा कि देश में जितने स्कूल बंद हुए हैं, उनमें 50 प्रतिशत मध्य प्रदेश के स्कूल शामिल है। देश ओर प्रदेश में स्कूली शिक्षा खत्म हो चुकी है। आठवीं तक के बच्चें को फेल नहीं करना है।
साथ ही कई बच्चे 12 वीं तक पढ़ नहीं पा रहे हैं। शिक्षा प्रणाली में सुरक्षा होना चाहिए। रोजगार का ढांचा खत्म हो चुका हैं और बेरोजगारी चरम पर है। इसको लेकर छात्रों में आक्रोश पैदा हुआ है। पटवारी ने कहा कि आज हर स्कूल और कॉलेज में आरएसएस के प्राचार्य है ।शिक्षा प्रणाली को खत्म करने का काम कर रहे हैं। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी देश में रचनात्मक और सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। देश शिक्षा के क्षेत्र नंबर वन कैसे बने ? सही तरीके से शिक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए छात्रों से चर्चा कर रहे है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी देश की बीमार शिक्षा को लेकर संजीदा है। सुधार कार्य में शिक्षा भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर फांसी की सजा होना जैसे प्रावधान लागू करने पर काम कर रहे है। शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण सभी के बच्चें प्रभावित हो रहे है। इसलिए सुधार के लिए छात्रों से चर्चा कर सुझाव मांग रहे हैं।
पटवारी ने कहा है कि भाजपा सरकार द्वारा मैदान का किराया 10 लाख मांगा, अगर 10 करोड़ रुपए भी मांगते तो कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता पैसा इकठ्ठा कर जमा कर देता।
पूर्व में कांग्रेस सरकारों में ऐसा नहीं किया गया है। अटल जी की सभा के किसी तरह का शुल्क नहीं लिया था, बल्कि उल्टा कांग्रेस नेता उनके सुनने भी जाते थे। बीजेपी ने अधिकारियों से प्रेशर बना कर कार्यक्रम रोकने कोशिशे हो रही हैं,जो गलत है।
