नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सुरक्षा एजेंसियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, वीवीआईपी मूवमेंट में बाधा डालने, सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने और ग्रैफिटी या ड्रोन गतिविधियों के जरिए व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिशों की आशंका जताई गई है। इसके बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सम्मेलन स्थल, मेहमानों के होटलों और प्रमुख मार्गों पर चौकसी काफी बढ़ा दी है।
चीन-रूस से जुड़े विवादों और संभावित प्रदर्शनों का असेसमेंट, खालिस्तानी खतरों को लेकर भी सतर्क एजेंसियां
शीर्ष सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा असेसमेंट में विशेष रूप से चीन से जुड़े तिब्बती विरोध प्रदर्शनों, रूस संबंधित मुद्दों और खालिस्तानी तत्वों से मिल रहे इनपुट्स को शामिल किया गया है। एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल चैनलों और भड़काऊ संदेशों पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी देश से जुड़े संवेदनशील विवादों का फायदा उठाकर सम्मेलन की शांति भंग करने के प्रयासों को समय रहते विफल किया जा सके।
‘लचीलापन, नवाचार और सहयोग’ थीम पर हो रहा आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था के लिए रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन जारी
भारत इस बार ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण’ थीम के तहत 2026 की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता की मेजबानी कर रहा है, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां आपसी तालमेल और रियल-टाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग के जरिए हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

