
इंदौर. शहर के वार्ड क्रमांक-47 अंतर्गत आने वाली हरिजन कॉलोनी में नई नर्मदा लाइन डलने के बाद भी पिछले दो महीने से नलों में दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है. रहवासी पिछले गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं. नई नर्मदा लाइन बिछाने के बावजूद पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है, नगर निगम के शहर में शुद्ध पानी देने के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
वार्ड क्रमांक-47 अंतर्गत पलासिया क्षेत्र की हरिजन कॉलोनी में दूषित पानी की समस्या वर्षों पुरानी है. समाधान के लिए निगम ने पुरानी लाइन बंद कर नई नर्मदा लाइन भी बिछा दी, लेकिन बावजूद इसके पिछले दो महीने से दूषित पानी की समस्या और गंभीर हो गई है. क्षेत्र में नर्मदा का साफ पानी महज 8 से 10 मिनट ही मिलता है, जिससे जरूरत पूरी नहीं हो पाती. मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम हेल्पलाइन पर की गई, इसके बाद इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर लाइन चेक करने का प्रयास किया, लेकिन लीकेज नहीं मिला. सवाल यह है कि जब नई लाइन के बावजूद पानी दूषित सप्लाई हो रहा है तो निगम की तकनीकी व्यवस्था आखिर किस काम की? शहर में दूषित पानी के मामले बढ़ रहे हैं और भागीरथपुरा की त्रासदी की याद अभी ताजा है, ऐसे में निगम को प्राथमिकता के साथ स्थायी समाधान करना चाहिए.
यह बोले रहवासी…
पूरी तरह से काला और बदबूदार पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं होता. साफ पानी दस मिनट से ज्यादा नहीं मिल पाता. ऐसे में पानी को लेकर किल्लत बढ़ रही है.
– राहुल खरे
रोज गंदा पानी आता है, जो पीने लायक नहीं है. अगर उस पानी को पी लें, तो हम मर जाएंगे. कितनी बार शिकायत कर दी, कोई सुनने को राजी नहीं है. क्या कोई घटना घट जाएगी, तब सुनेंगे.
– दीपक कल्याणे
नर्मदा की नई लाइन से भी पूरी तरह से गटर का पानी आ रहा है. पीने के लिए हम यशवंत क्लब टंकी या दूर दराज से पानी ढोकर लाते हैं और गुजारा कर रहे हैं.
– माया गोसर
निगम इंजीनियर की टीम लगी है, जल्द ही निराकरण होगा
सीवरेज और चैंबर चौक होने के कारण 20 दिनों से क्षेत्र में ज्यादा दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिस पर निगम इंजीनियर की टीम लगी हुई है. जल्द ही निराकरण किया जाएगा.
– नंदकिशोर पहाड़िया, पार्षद
