नई दिल्ली, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की शुरुआती जांच और एफआईआर के मुताबिक, यह बहुमंजिला इमारत काफी पुरानी थी और इसके मालिकों—हरिराम बंसल और उनके परिवार—द्वारा पुराने और कमजोर ढांचे की भार वहन क्षमता को दरकिनार करते हुए व्यावसायिक लाभ के लिए अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया गया था, जिससे संरचना पर अत्यधिक दबाव पड़ा।
मुख्य आरोपी हरिराम, पत्नी और बेटा गिरफ्तार, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
हादसे के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी हरिराम बंसल को पुलिस ने भिवाड़ी से धर दबोचा, जबकि इससे पहले उसकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और बेसमेंट में पानी भरने से पिलर कमजोर होने की बात कही, जिसके बाद एहतियात के तौर पर हादसे वाली बिल्डिंग के ठीक पीछे बनी खतरनाक इमारत को भी गिराने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही बरतने वाले MCD के पांच अधिकारी सस्पेंड, पीजी और कोचिंग सेंटर्स की होगी जांच
इस भीषण हादसे में प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत कुल पांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने पूरे शहर में चल रहे पीजी आवासों और कोचिंग सेंटर्स के सुरक्षा मानकों की सघन जांच और निरीक्षण के कड़े आदेश जारी किए हैं।

