भोपाल: शहर की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं और जमीनी हकीकत के बीच अंतर कई इलाकों में नजर आ रहा है. वार्ड 24 में जनता से रूबरू होने के दौरान भी स्थानीय समस्याएं सामने आईं. नगर निगम की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था के दावों के बीच वार्ड की कुछ कॉलोनियों में गंदगी और अव्यवस्थाओं ने लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ा रखी हैं.
नगर निगम के वार्ड 24 में प्रताप नगर, हंसनाथ नगर, व्हाइट हाउस, धरमपुरी, अवधपुरी, कृष्णा नगर, टीटीटीआई, प्रोफेसर कॉलोनी, गंगा नगर और सर्किट हाउस सहित करीब दो दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी कॉलोनियां हैं. सबसे अधिक घनी बस्ती वाले बाणगंगा क्षेत्र में प्रताप नगर, हंसनाथ नगर, गंगा नगर और व्हाइट हाउस जैसे स्लम क्षेत्र भी हैं. यहां करीब 3 हजार झुग्गियां हैं और लगभग 10 हजार मतदाता रहते हैं। लोगों के अनुसार यहां सकरी गलियों, खुले चेंबर और सफाई की समस्या बनी रहती है. नालियों की सफाई भी नियमित नहीं होने की शिकायत है.
-तीन से छह महीने में मिल रही पेंशन
क्षेत्र में विधवा और वृद्धा पेंशन को लेकर भी लोग परेशान हैं। रहवासियों का कहना है कि किसी को दो से तीन महीने में एक बार पेंशन मिल रही है तो कुछ लोगों को छह महीने में एक बार पेंशन मिलती है। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के साथ नगर निगम कार्यालय के चक्कर भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
-बिजली कटौती के साथ बढ़े बिल
अहाता रुस्तम खां क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर रहवासियों ने बताया कि प्रतिदिन बिजली कटौती होती है। बिजली कब बंद होगी और कब आएगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल में बढ़ोतरी की शिकायत भी सामने आई है। रहवासियों के अनुसार अब 3 हजार रुपए तक बिल आ रहा है। गर्मियों में यह बिल 5 हजार रुपए तक पहुंच जाता है, जबकि पहले 500 से 800 रुपए तक बिल आता था।
-प्रोफेसर कॉलोनी में जगह-जगह कचरे के ढेर
प्रोफेसर कॉलोनी में भी सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। रहवासियों के अनुसार यहां प्रतिदिन सफाई नहीं होती और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नालियां भी कचरे से भरी हुई हैं। लोगों का कहना है कि सफाई कराने के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करनी पड़ती है, इसके बाद ही सफाई होती है।
-रोशनपुरा में बारिश में सडक़ों पर बहता है सीवेज
रोशनपुरा भी स्लम क्षेत्र में आता है। यहां रहवासियों ने बताया कि कभी-कभार ही झाड़ू लगती है। नालियों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश के दौरान सीवेज का पानी सडक़ों और गलियों में बहता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
-वार्ड 24 में पार्षद निधि से कराए गए कार्य
वार्ड पार्षद शबिस्ता जकी ने बताया कि उनके वार्ड में करीब 81 लाख रुपए के निर्माण कार्य कराए गए हैं। इनमें श्यामला हिल्स छोटी धरमपुरी में चबूतरा एवं सीसी कार्य पर 3,14,589 रुपए, भूसा की टाल, विज्ञान केंद्र और स्मार्ट रोड के पास मैदान में सीसी रोड निर्माण पर 5,55,156 रुपए, श्यामला हिल्स में रोड निर्माण एवं सीआई बेंच लगाने पर 4,16,982 रुपए खर्च किए गए हैं.एमपीईबी कार्यालय के पास शेड एवं सीआई बेंच लगाने पर 2,79,036 रुपए, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित वरिष्ठ सभा गृह भवन में बैलेंस कार्य पर 13,01,695 रुपए और श्यामला हिल्स पुलिस स्टेशन के सामने शेड निर्माण पर 1,50,676 रुपए खर्च किए गए हैं.गंगा नगर में सीसी रोड एवं नाली निर्माण पर 15,59,962 रुपए, धोबी घाट क्षेत्र में आरसीसी नाली एवं सीसी टॉप निर्माण तथा अन्य मरम्मत-रखरखाव कार्य पर 6,17,553 रुपए खर्च हुए हैं. अशोका लेक व्यू रोड स्थित मस्जिद के पास नाली निर्माण पर 7,48,602.86 रुपए, प्रियदर्शिनी पार्क के पीछे प्रताप नगर में नाली निर्माण पर 99,963 रुपए और खुशबू पार्क के पास सडक़ के पैचवर्क पर 1,99,511.12 रुपए खर्च किए गए हैं.इसके अलावा सीआई बेंच लगाने पर 1,33,350 रुपए, खुशबू पार्क क्षेत्र में फैजल आरटीओ हाउस के पास सीसी सडक़ निर्माण पर 5,01,377.28 रुपए, किलोल पार्क के पास सीसी रोड एवं नाली निर्माण पर 6,17,984 रुपए और रंगा श्री परिसर में सीढिय़ों एवं रैंप निर्माण पर 6,44,088.01 रुपए का कार्य कराया गया है.
शबिस्ता जकी, पार्षद, कांग्रेस, वार्ड 24
-पार्षद चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे खलील बोले
वार्ड में आम आदमी पार्टी से पार्षद का चुनाव लड़ चुके और दूसरे नंबर पर रहे खलील अहमद ने बताया कि वार्ड में काम अच्छा चल रहा है। स्लम एरिया में छोटी-मोटी समस्याएं रहती हैं. इसका कारण यहां की संकरी गलियां हैं. इनमें बड़े वाहन नहीं पहुंच पाते और छोटे वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद कभी यहां नहीं आईं। उनका कहना है कि महापौर की स्थिति भी ऐसी ही है.
खलील अहमद, पूर्व पार्षद प्रत्याशी, आम आदमी पार्टी
वार्ड के रहवासियों का कहना है
यहां सफाई कर्मचारी कभी-कभार आते हैं। इस वजह से गंदगी बनी रहती है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
सलमा बेगम, व्हाइट हाउस
सडक़ बनाई गई है, लेकिन पानी निकासी की पाइप लाइन बंद होने से गंदा पानी सडक़ के ऊपर से बहता है।
अनुराधा, व्हाइट हाउस
कचरा वाहन आता है, लेकिन बिना आवाज लगाए निकल जाता है। इससे हम कचरा वाहन में नहीं डाल पाते और सडक़ किनारे कचरा फेंकने को मजबूर होते हैं।
वैशाली चौधरी, व्हाइट हाउस बस्ती
सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। इससे मच्छर बढ़ गए हैं और मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
स्मिता द्विवेदी, व्हाइट हाउस
हमारे यहां पानी गंदा आता है, जिसे पीने को मजबूर हैं। वहीं वृद्धा पेंशन भी तीन महीने में एक बार मिलती है।
रईसा बी, प्रताप नगर
कचरा वाहन घरों से कचरा लेकर जाता है, लेकिन गली में जमा कचरा नहीं उठाया जाता। इससे गंदगी बनी रहती है।
आफदा बी, प्रताप नगर
अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। कभी रात में तो कभी दिन में बिना सूचना बिजली बंद कर दी जाती है। यह समस्या रोज बनी रहती है।
रऊफ खान, अहाता रुस्तम खां
कचरे का ढेर लगा है। नालियों की भी कभी सफाई नहीं होती। नालियां कचरे से भरी हुई हैं।
राजीव बंसल, प्रोफेसर कॉलोनी
सफाई बराबर हो रही है। नालियों की सफाई भी होती है। पानी और बिजली की कोई समस्या नहीं है।
थान सिंह यादव, ग्वाल मोहल्ला, रोशनपुरा
नालियों की सफाई नहीं की गई है, जिससे वे कचरे से भरी हुई हैं। बारिश के दौरान गंदा पानी सडक़ पर बहता है।
अनिल दुबे, ग्वाल मोहल्ला, रोशनपुरा
