सतना:संदीपनि विद्यालय को राज्य के मुखिया का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. सर्व सुविधा युक्त आधुनिक विद्यालय भवन बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा खर्च करने में भी किसी तरह की कोताही नहीं की जाती है. लेकिन निर्माण एजेंसी और संविदाकारों का गठजोड़ इस ड्रीम प्राजेक्ट पर पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहा है. ताजा मामला मैहर जिले के अमरपाटन में नवनिर्मित संदीपनि विद्यालय भवन का देखा जा सकता है. जहां पर उद्धाटन से पहले ही भवन के छत और दीवारों में दरारें आने के साथ ही पानी रिसने की समस्या शुरु हो गई है. मैहर जिले के अमरपाटन तहसील के औद्योगिक क्षेत्र पड़क्का में तकरीबन 45 करोड़ रु की लागत से सर्व सुविधा युक्त और आधुनिक संदीपनि विद्यालय भवन तैयार करने का प्रोजेक्ट पास हुआ था.
कभी हां कभी ना की तर्ज पर बीच बीच में लटकते रहने के बावजूद यह प्रोजेक्ट ही में पूरा भी हो गया. बाहर से देखने पर यह किसी विश्वविद्यालय भवन से कहीं भी कमतर नजर नहीं आता है. हलांकि परिसर में सामने की ओर बेतरतीब तरीके से मलबा जहां तहां पसरा हुआ है. लेकिन इसके बावजूद भी बाहर से चमचमाते इस भवन को देख कर स्थानीय लोग गौरवांवित महसूस करने लगे हैं. इसी कड़ी में नवनिर्मित भवन का उद्धाटन मुख्यमंत्री के हाथों से कराए जाने को लेकर प्रशासनिक कवायद भी तेज हो गई है. लेकिन सारे किए कराए पर उस वक्त पानी फिरता नजर आया जब नवनिर्मित भवन के कमरों में कई स्थानों पर न सिर्फ दरारें आ गईं.
बल्कि छत और दीवार से पानी रिस कर भवन के अंदर एकत्र होने लगा. कुछ कमरों की दीवारें सीलन से भर चुकी हैं. वहीं कुछ कमरों में छत का प्लास्टर उघड़ रहा है. छत और दीवारों से होने वाले पानी के रिसाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुछ कमरों की फर्श पर छोटे-छोटे तालाब बने दिखाई दे रहे हैं. बताया गया कि अमरपाटन में संदीपनी विद्यालय का निर्माण मंगलम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया गया है.
जबकि देख-रेख की जिम्मेदारी पीडब्लूडी-पीआईयू द्वारा निभाई गई है. अतिवृष्टि का बहाना..?गौरतलब है कि महज 2 महीने पहले ही कथित आंधी की वजह से लगभग 30 करोड़ की लागत से बने मैहर स्थित संदीपनि विद्यालय के निर्माणाधीन भवन की छत गिर गई थी. उक्त मामले में कलेक्टर मैहर द्वारा पीडब्लूडी-पीआईयू की तकनीकी टीम से जांच करने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन जिन जिम्मेदारों ने अनदेखी की हो उन्हीं के द्वारा की गई जांच में भला खामियां कैसे सामने आ पातीं. लिहाजा माना जा रहा है कि जिस तरह से मैहर के संदीपनि विद्यालय की घटना के लिए आंधी-बारिश को जिम्मेदार ठहराया गया था. तकरीबन उसी तर्ज पर अमरपाटन में संदीपनि विद्यालय के मामले में भी अतिवृष्टि का अमली-जामा पहना दिया जाएगा.
