नई दिल्ली, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल स्थित सिराज गांव में 100 साल पुराने प्राचीन हिंदू मंदिर को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घिनौनी हरकत की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पाकिस्तानी प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है।
कट्टरपंथियों पर जमीन हड़पने का आरोप और प्रशासन का विवादित दावा
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 अगस्त को कुछ कट्टरपंथियों ने पास के मदरसे के विस्तार के लिए इस ऐतिहासिक मंदिर को गिरा दिया था, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने बारिश के कारण मंदिर के खुद ढह जाने का बेतुका दावा किया है। हालांकि, पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP) सहित कई अल्पसंख्यक संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और मंदिर के पुनर्निर्माण की पुरजोर मांग उठाई है।
अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा पर मंडराता खतरा
इस घटना ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति और उनकी पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने पाकिस्तान से तत्काल पारदर्शी जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करने को कहा है, ताकि वहां के अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके।

