जबलपुर: सड़क किनारे फैला हुआ कचरा, आवारा पशुओं का कचरे के ढेर में मुंह मारना और बीच सड़क पर नियमों का उल्लंघन करते हुए कचरे का खुले में परिवहन… ये सारे नजारे गुरंदी बाजार के पास के थे जिसनें नगर निगम के जिम्मेदारों के स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले तमाम दावे खोखले साबित कर दिए। इसी अराजकता को लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर स्थानीयजनों द्वारा तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गईं और नगर निगम के जिम्मेदारों से पूछा कि ऐसे में जबलपुर स्वच्छता में और स्मार्ट सिटी में कैसे नंबर 1 पर आएगा। उधर सफाई के जिम्मेदार अधिकारियों का एक ही जवाब सामने आता दिखाई देता है कि जिस इलाके से शिकायत आती है उस पर कार्रवाई होती है। मतलब साफ है कि जहां से शिकायत नहीं आई तो वहां कचरे का अंबार खड़ा होगा। कुछ इसी तरह की कार्यशैली शहर की स्वच्छता पर भी दाग लगाते नजर आने लगी है।
जानकारी के अनुसार गुरंदी बाजार के आसपास इन दिनों कई अघोषित कचरा डंपिंग प्वाइंट बन चुके हैं जो कि शहर की स्वच्छता की तस्वीर को बिगाड़ते नजर आ रहे हैं। आलम ये है कि मजबूरीवश कचरे की दुर्गंध के बीच से होकर राहगीरों को गुजरना पड़ रहा है। अविनाश, जयंत, राहुल सहित अन्य ने नवभारत को बताया कि गुरंदी बाजार में जितने भी अघोषित कचरा डंपिंग प्वाइंट बने हैं उसमें फैले कचरे को उठाने व इलाके में झाडू लगाने कई-कई दिनों तक सफाई अमला काम पर नहीं आता। इस कारण क्षेत्र की नालियां भी चोक हो रहीं हैं।
निगमायुक्त-महापौर के फरमान पर गंभीर नहीं अमला
विदित हो कि निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार व महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू द्वारा समय समय पर बैठकें लेकर जमीनी तौर पर काम करने वाले सफाई अमले को आवश्यक दिशा निर्देश दिए भी जाते हैं लेकिन इन निर्देशों को फिलहाल अभी नगर निगम का सफाई अमला गंभीरता से नहीं ले रहा है जिसका नतीजा है कि गंदगी की तस्वीर सामने आ रही है।
