इंदौर: कभी गंदगी और झाड़ियों से पटे पड़े नालों की सफाई कर क्रिकेट खेला गया, फैशन शो और पार्टियां तक आयोजित कर खूब वाहवाही लूटी गई. स्वच्छता के नाम पर हुए इन प्रयासों और भारी-भरकम खर्च के वर्षों बाद आज वही नाले फिर कचरे और गंदगी से पटे नजर आ रहे हैं, जिम्मेदारों द्वारा अब उनकी सुध नहीं ली जा रही है.
स्वच्छता को लेकर देशभर में मिसाल बने इंदौर में कुछ वर्ष पहले नालों और बस्तियों की सफाई को लेकर बड़े अभियान चलाए गए थे.
गंदगी हटाकर उन्हीं स्थानों पर क्रिकेट, फैशन शो और सामाजिक आयोजन तक किए गए. उद्देश्य था कि गंदगी वाले स्थानों को स्वच्छ और उपयोगी बनाया जाए. लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते और समय बीतने के साथ तस्वीर एक बार फिर बदलती दिखाई दे रही है. शहर के कई नाले दोबारा कचरे और गंदगी से भरे नजर आ रहे हैं. नालों का गंदा पानी नदी-नालों में पहुंचने और कचरे के जमा होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. हाल की रिपोर्टों में भी इंदौर की जल निकासी और दूषित पानी को लेकर सवाल उठे हैं.
यह बोले नागरिक…
जब सफाई के बाद नालों की तस्वीर बदल गई थी तो आज वही हालात वापस कैसे लौटे? आखिर जनता की गाढ़ी कमाई से किए गए खर्च का स्थायी परिणाम क्यों नहीं दिख रहा?
– सोनू पगारे
इस साल तो बरसात ही नहीं हुई है, जब बरसात तेज होगी तो नालों की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी. गंदगी, मच्छर-मक्खियों से बीमारियां फैलेंगी फिर स्वच्छता अभियान का क्या हुआ.
– जुनैद खान
नालों की सफाई के बाद क्रिकेट, फैशन शो जैसे आयोजन हुए. लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए, फिर वही नाले गंदगी से क्यों भर गए? क्या सफाई सिर्फ आयोजन और प्रचार तक सीमित थी?
– अंतर सिंह चौहान
