नयी दिल्ली, 01 सितंबर (वार्ता) पर्यावरण अनुकूल रसायन बनाने वाली कंपनी इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड मंगलवार से तीन अलग-अलग कंपनियों में बंट गयी है।
विशिष्ट जैविक रसायन, ग्लाइकोल्स, पीने योग्य स्पिरिट (शराब) और स्वास्थ्यवर्धक पूरक आधार बनाने वाली कंपनी ने बताया कि उसे हाल ही में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) से इसके लिए मंजूरी मिली थी।
तीनों कंपनियां अब इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, आईजीएल स्पिरिट्स लिमिटेड और एननेचर बायो फार्मा लिमिटेड के नाम से जानी जायेंगी।
इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड रसायन, ग्लाइकोल्स, जैव-ग्लाइकोल्स, नये विशिष्ट उत्पाद और औद्योगिक गैसों का कारोबार करेगी। कंपनी ने जून 2026 का समाप्त तिमाही में 345 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व दर्ज किया था। यह कंपनी पहले से ही बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध है।
आईजीएल स्पिरिट्स में स्पिरिट्स का कारोबार होगा, जिसमें आईएमएफएल, देसी शराब और बायो-ईंधन का कारोबार शामिल है। आईजीएल स्पिरिट्स लिमिटेड ने जून 2026 तिमाही में 694 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व दर्ज किया। एननेचर बायो फार्मा में बायो-फार्मा और बायो-पॉलिमर का कारोबार होगा। कंपनी ने जून 2026 तिमाही में 90 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व दर्ज किया। दोनों नयी कंपनियों के प्रबंधन बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन करेंगे।
इंडिया ग्लाइकोल्स के हर शेयरधारक को 02 सितंबर 2026 की शेयरधारिता के आधार पर इंडिया ग्लाइकोल्स में रखे गये हर एक इक्विटी शेयर के बदले आईजीएल स्पिरिट्स लिमिटेड का एक इक्विटी शेयर, और इंडिया ग्लाइकोल्स के हर तीन इक्विटी शेयरों के बदले एननेचर बायो फार्मा का एक इक्विटी शेयर मिलेगा।
इंडिया ग्लाइकोल्स की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कारोबारों को अलग-अलग करने से हर कंपनी का एक खास फ़ोकस होगा, जिससे बेहतर प्रबंधन और विकास के लिए संसाधनों का ज्यादा कुशल इस्तेमाल हो सकेगा।
