नशे के बढ़ते कारोबार ने युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर बढ़ाई चिंता

इंदौर: नशे के बढ़ते कारोबार ने अब शहर की युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद नशे का नेटवर्क पूरी तरह टूटता नजर नहीं आ रहा. कच्ची बस्तियों और मोहल्लों से निकलकर नशे की दस्तक अब कॉलेज परिसरों तक पहुंचने लगी है. कई युवा अब समाधान के लिए खुद भी आवाज उठा रहे हैं.
इंदौर में नशे के बढ़ते कारोबार ने युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कुछ वर्षों में नशा माफिया के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने कई बड़ी कार्रवाई की, लेकिन इसके बावजूद नशे की उपलब्धता पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है.

सबसे चिंताजनक बात यह है कि नशे का दायरा अब केवल कच्ची बस्तियों और कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी और आम युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आता नजर आ रहा है. ऐसे में नशा मुक्त भारत का सपना केवल कार्रवाई से पूरा होगा या समाज की भागीदारी भी जरूरी होगी, यह बड़ा सवाल है. शहर में कई सामाजिक संस्थाएं नशा मुक्ति के लिए काम कर रही हैं. वहीं युवा भी अपने स्तर पर बस्तियों और मोहल्लों में नशा मुक्ति शिविर काउंसलिंग और जागरूकता सेमिनार आयोजित करने की मांग कर रहे हैं. युवाओं का मानना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ी इसकी बड़ी कीमत चुकाएगी.

यह बोले नागरिक…

नशा सिर्फ एक व्यक्ति को बर्बाद नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है. प्रशासन कार्रवाई के साथ युवाओं के बीच लगातार जागरूकता अभियान और काउंसलिंग चलाए, ताकि शुरुआत में ही उन्हें सही दिशा मिल सके.
– राहुल सोलंकी

नशे के खिलाफ समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. सिर्फ पुलिस और प्रशासन पर निर्भर रहने से समस्या खत्म नहीं होगी. इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं को मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी.
– हामिद कुरैशी

नशा माफिया युवाओं को आसान शिकार समझकर अपना नेटवर्क बढ़ा रहे हैं. प्रशासन को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई के साथ उन स्थानों पर भी कड़ी करवाई करनी चाहिए, जहां युवाओं को नशा उपलब्ध कराया जाता है.
– अंशुल कुमार

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