धर्मशाला, 01 सितंबर (वार्ता) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में पशुपालन विभाग ने मवेशियों में लंपी बीमारी को फैलने से रोकने के लिए एक बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
विभाग को कुल 1,35,000 टीकों की खुराक मिली हैं और अब तक लगभग 15,000 मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में पशुपालन विभाग की उप निदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि लंपी बीमारी से संक्रमित पशुओं में तेज़ बुखार, त्वचा पर सख्त गांठें, आंखों और नाक से पानी या मवाद आना, सुस्ती, मुंह से कम खाना-पीना और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। विभाग की टीमें संक्रमित पशुओं पर लगातार नज़र रख रही हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा से पशुओं की खरीद-फरोख्त के कारण हिमाचल प्रदेश में लंपी बीमारी का प्रकोप बढ़ा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और गौशाला में साफ़-सफाई का खास ध्यान रखें। उन्होंने मक्खियों और मच्छरों से बचाव के लिए भी उचित उपाय करने को कहा।
उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि वे संक्रमण के दौरान मवेशियों की खरीद-फरोख्त न करें, अपने मवेशियों को चरागाह में न छोड़ें और अगर किसी में लंपी बीमारी के कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
