युवाओं के लिये मिसाल है नगर के बुजुर्गो की तिकड़ी 

भैंसदेही। परंपरा परिवार, परिवेश और संस्कारों की बात जब भी नगर में होती है, तो कोई भी ऐसा अवसर नहीं होता है ,जब नगर के 78 से 80 वर्ष की आयु के इन बुजुर्गो ने की चर्चा ना हो , इस उम्र में भी परिवार के साथ साथ सामाजिक दायित्वो के लिए पुरे उत्साह के साथ हमेशा उपलब्ध रहने वाले नगर के ये बुजुर्ग युवा पीढ़ी या ये कह लो इनके बाद की पीढीयों के लिये मिसाल बने हुए हैं , आज भी सहज सरल और और अपने मितव्ययी व्यवहार के लिये पहचाने जाते हैं,नगर के किलेदार परिवार के दुर्गा चरण सिंह उर्फ राजा ठाकुर, पंडित श्याम नारायण तिवारी,और प्रकाश चन्द्र आमलेकर इनकी यह तिकड़ी सहज ही नगर के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती नजर आ जाती ,कभी किसी चाय की गुमठी पर तो कभी रास्ते से आइसक्रीम खाते टहलते तो कभी नगर के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इनकी उपस्थिति का होना युवाओं को उत्साह से भर देता है , अपने अपने क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके ये तीनों बुजुर्ग आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिये मार्गदर्शक बने हुए हैं।

छात्र जीवन से ही सहपाठी रहे इन तीनों मित्रों की खास बात यह की इनमें मतभेद भले ही रहे हो लेकिन मनभेद को किसी ने भी कभी स्थान नहीं दिया भले ही समस्या कितनी भी जटिल क्यों ना रही हो,एक राजा ठाकुर जहां क्षत्रिय समाज के लिये जिले में किसी गौरव से कम नहीं है वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की फेहरिस्त में स्थान रखते हैं वही एक बड़े उद्योगपति भी है , दुसरे पंडित श्याम नारायण तिवारी वरिष्ठ इंकानेता, गांधीवादी विचारधारा को मानने वाले वरिष्ठ पत्रकार और और हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष होने के साथ साथ विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक धार्मिक संगठनों में आज भी सहभागिता निभाते हैं, इसी तरह प्रकाश चन्द्र आमलेकर जो की जिला मुख्यालय के जयवंती हक्सर महाविद्यालय के सन 1971 में जनरल सेक्रेटरी रहे वहीं पन्ना के छत्रसाल महाविधालय और पिपरिया के शासकीय महाविद्यालय में तीन वर्ष अध्यापन कार्य करने के बाद समाजसेवा के क्षेत्र में आए और आज 79 वर्ष की आयु में भी सक्रिय हैं, इनका परिवार नगर का ऐसा परिवार है जिसने शिक्षा के क्षेत्र में ग्राम उमरी में स्कूल के लिये भूमि दान वहीं ,नगर के प्राचीन शिवालय। को कृषि भूमि दान और तत्कालीन ग्राम पंचायत भैंसदेही को पेयजल के लिये कुआं दान किया है। प्रकाश आमलेकर आज भी सिस्टम में फैली बुराईयों के खिलाफ बेबाकी से अपना पक्ष रखने के लिए पहचाने जाते हैं।इस तिकड़ी की विशेषता ये है कि अलग अलग विचारधाराओं को मानने के बावजूद भी सामाजिक सरोकारों को लेकर

यह तिकड़ी। हमेशा एकजुटता से पुरी दृढ़ता के साथ इस आयु में भी अडिग रहते हैं नगर के हर त्योहार ,आयोजन , में इनकी उपस्थिति नगर के युवाओं। में उत्साह भर देती है और प्रत्येक परिवार के सुख दुःख में ये तीनों मित्र हमेशा खड़े मिलते हैं ,जो इनके प्रति लोगों के प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।जब इस प्रतिनिधि इनसे चर्चा की तो प्रकाश आमलेकर बड़ी सहजता से कहते हैं कि मनुष्य का संवेदनशील होना आवश्यक और संग्रह की प्रवृत्ति हो लेकिन उसका उद्देश्य संग्रह करने वाले को पता होने की बात कहते हैं ,वहीं पंडित श्यामनारायण तिवारी जीवन में हर परिस्थिति में उत्साही बने रहने की बात कहते हैं तो वर्तमान जिलापंचायत के सदस्य राजा ठाकुर निरंतर गतिशील बने रहने पर जोर देते हुऐ नयी

पीढ़ी से मान मर्यादा को बनाये रखने को सफलता की पहली सीढ़ी बताते हैं।

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