सिंगरौली : शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने के मामले में मोरवा पुलिस ने आरोपी रामप्रकाश साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को उसके घर रामपुरवा से भागने की तैयारी के दौरान घेराबंदी कर पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
जानकारी अनुसार मोरवा क्षेत्र निवासी पीड़ित युवती ने बताया कि आरोपी रामप्रकाश साहू को स्कूल के समय से जानती थी। करीब दो-तीन साल से दोनों के बीच बातचीत होती थी। आरोपी युवती से शादी करने की बात कहता था और उसे अपने साथ चलने के लिए मनाता था।
आरोपी के शादी के वादे पर युवती उसके साथ चली गई। जहां विगत 21 सितंबर 24 को रामप्रकाश युवती को लेने गोरबी बस स्टैंड पहुंचा। वहां से वह उसे बैढ़न-बिलयरी स्थित किराए के मकान में ले गया। आरोप है कि यहां शादी का प्रलोभन देकर उसने युवती के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। अक्टूबर 2024 में युवती गर्भवती हो गई, लेकिन आरोपी ने शादी नहीं की। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे तत्काल पकड़ लिया। आरोपी रामप्रकाश साहू पिता रामभजन साहू निवासी रमपुरवा थाना बरगवां को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह के साथ उनि अर्चना धुर्वे, शेषमणि टांडिया, सउनि छत्रपाल पांडेय, पिंटूराय व महिला आर ज्योति तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बच्चा होने के बाद भी नहीं कि शादी
जून 25 को आरोपी युवती को अपने घर ले गया। दोनों अलग-अलग जाति के होने के कारण परिवार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आरोपी ने घर के पीछे झोपड़ी बनाकर युवती को रखा। जुलाई 2025 में युवती ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने उससे शादी नहीं की। इधर पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 26 को आरोपी ने युवती और बच्चे को साथ लेकर बाहर कमाने-खाने जाने की बात कही और उन्हें मोरवा रेलवे स्टेशन लेकर आया। इसके बाद युवती और बच्चे को स्टेशन पर छोड़कर भाग गया। बाद में आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। अपने ऊपर इतना कुछ बीत जाने के बाद युवती मोरवा पुलिस के पास पहुंची। अधीक्षक शियाज के एम निर्देश पर युवती की शिकायत पर मोरवा थाने में अपराध के तहत बीएनएस की धारा 87, 69 तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की
