जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शैक्षणेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय यादव द्वारा पिछले 20 दिनों से चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर विश्वविद्यालय की राजनीति गरमा गई है। संघ के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह पटेल ने मौजूदा अध्यक्ष संजय यादव की कार्यप्रणाली पर फिर कड़े सवाल खड़े करते हुए उन पर कर्मचारियों के कोष के दुरुपयोग और कुलगुरू को ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पटेल ने कहा कि कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने संजय यादव की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उन्हें लेखा शाखा से हटा दिया था।
आरोप है कि पद से हटाए जाने के बाद से ही वह बौखलाहट में कर्मचारियों की मांगों की आड़ लेकर नियमानुसार काम कर रहे कुलगुरू को ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विगत 13 माह से बिना काम किए वेतन ले रहे संजय यादव का तुरंत किसी विभाग में पदस्थापन किया जाना चाहिए पूर्व नेतृत्व का कहना है कि यदि अध्यक्ष संजय यादव ने कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल और सहायक कुलसचिव हितेश कोड़ापे के साथ मिलकर पदोन्नति की प्रक्रिया में अड़ंगा न लगाया होता, तो अब तक 200 से अधिक कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश जारी हो चुके होते।
पदोन्नति रोकने वाले अधिकारियों का होगा विरोध
कर्मचारी संघ के पूर्व पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आम कर्मचारियों का नुकसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पदोन्नति रोकने वाले अधिकारियों का खुलकर विरोध किया जाएगा। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह पटेल और पूर्व महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला के साथ बीरेंद्र कुमार तिवारी, प्रेम प्रकाश पुरोहित, ब्रजेश कुमार तिवारी और प्रेमशंकर पाण्डेय ने प्रशासन से अविलंब पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
