जबलपुर: भगवान श्रीकृष्ण सबके हैं और जन्माष्टमी की शोभायात्रा भी पूरे समाज की है। शोभायात्रा की भव्यता, दिव्यता और पवित्रता केवल प्रशासन या किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस वर्ष जन्माष्टमी पर्व को सामूहिकता और जनभागीदारी के भाव के साथ मनाने की शुरुआत होनी चाहिए। यह बातें लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने शनिवार को नरसिंह मंदिर में 4 सितंबर को निकलने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी, रामनवमी, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे पर्व समाज को एकजुट करने वाले अवसर हैं।
धार्मिक भावनाओं कोघर और कार्यक्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय ऐसे आयोजनों में सामूहिक सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता है। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जन्माष्टमी पर्व पवित्रता और दिव्यता केसाथ मनाया जाना है। प्रशासन भी व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग कर रहा है, लेकिन यह आयोजन सरकारी नहीं हो सकता। इसकी वास्तविक भव्यता तभी आएगी, जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसे अपना और भगवान का कार्य मानकर जिम्मेदारी निभाए। श्री सिंह ने कहा कि करीब 17 लाख की आबादी वाले जबलपुर में शोभायात्रा में जनसहभागिता भी उसी स्तर की दिखाई देनी चाहिए।
बच्चों की सुविधा और समयबद्धता का रखें ध्यान
मंत्री ने कहा कि शोभायात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे और झांकियां शामिल होती हैं। इसलिए पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो। स्वागत कार्यक्रमों के कारण शोभायात्रा की गति प्रभावित न हो और अधिकतम समय यात्रा मुख्य मार्ग पर रहे, इसका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने होटल एसोसिएशन की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जन्माष्टमी के दिन करीब 35 होटल एवं
रेस्टोरेंट संचालक सात्विक भोजन, प्रसाद और श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्था में सहयोग करेंगे।
संस्कारधानी का गौरव मिलकर बढ़ाएं: महंत डॉ. नरसिंह दास
नरसिंह पीठाधीश्वर महंत डॉ. स्वामी नरसिंह दास महाराज ने कहा कि वर्ष 1980 से संस्कारधानी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है। पहली बार प्रशासन के स्तर पर व्यवस्थाओं को लेकर बैठक आयोजित होना और मंत्री राकेश सिंह द्वारा इसका नेतृत्व किया जाना महत्वपूर्ण पहल है। नरसिंह पीठाधीश्वर ने कहा कि शोभायात्रा किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। सभी समाज और संगठन आगे आकर सहयोग करें। विकास के साथ धर्म और संस्कृति का संरक्षण भी आवश्यक है। दोनों के समन्वय से संस्कारधानी की पहचान और मजबूत होगी।
बच्चों, यातायात और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान: कलेक्टर
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि शोभायात्रा मार्ग पर बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल एवं भोजन की व्यवस्था की जाए। सामाजिक और व्यावसायिक संस्थाएं स्वागत द्वार बनाकर पुष्पवर्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि विभिन्न समितियों के बीच मोबाइल और संचार माध्यमों से बेहतर समन्वय हो, ताकि एक यात्रा के लिए दूसरी यात्रा को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। शोभायात्रा को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। विद्युत पोल एवं उपकरणों पर
सुरक्षात्मक कवर लगाने के साथ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
20 मंदिरों से पूजन सामग्री के लिए वाहनों की व्यवस्था
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि शोभायात्रा मार्ग पर करीब 20 प्रमुख मंदिर चिह्नित किए गए हैं। मंदिरों से निकलने वाली फूल-माला, नारियल और अन्य पूजन सामग्री के संग्रहण के लिए तीन-चार मंदिरों के बीच एक वाहन की व्यवस्था की जाएगी। जैविक पूजन सामग्री से प्राकृतिक रंग एवं गुलाल तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। मार्ग पर विशेष साफ-सफाई और अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा और यातायात के लिए विशेष इंतजाम
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. आयुष जाखड़ ने बताया कि इस शोभा यात्रा के मार्ग पर प्रमुख भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा। आवश्यकता के अनुसार वन-वे अथवा डायवर्जन लागू किया जाएगा। बैठक में नरसिंह पीठादीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंहदास महाराज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन भी मौजूद थे।
