
सिंगरौली। जिला चिकित्सालय बैढ़न से फरार निलंबित पटवारी आरोपी को पुलिस 30 घंटे बाद भी तलाश नही कर पाई। हालांकि उसके ठिकानों पर पुलिस की टीम ने दबिश दी है, परंतु पुलिस के हाथ अभी तक खाली हंै। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ आरोपी निलंबित पटवारी के मामले में दो पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
ज्ञात हो कि वर्तमान दुधमनिया तहसील क्षेत्र के ग्राम कतरिहार की करीब 15 एकड़ म.प्र. शासन की शासकीय भूमि को फर्जी तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करते हुये पूर्व सरपंच की मॉ गोन्ही बेवा पति बैजनाथ भूर्तिया को भूमि स्वामी बना दिया। शिकायत हुई, जांच उपरांत आरोप सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित करते हुये मोरवा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। यह घटना वर्ष 2015 की है। अपराध पंजीबद्ध होने के बाद वह न्यायालय की शरण में था, जहां उसे राहत मिली हुई थी। लेकिन करीब दो महीने पहले उच्च न्यायालय से निलंबित पटवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी, तब से पटवारी को गिरफ्तार किये जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन मोरवा पुलिस टालमटोल कर रहे थे। अंतत: एसपी सियाज केएम के हस्तक्षेप पर एसडीओपी मोरवा रोशनी कुर्मी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी निलंबित पटवारी को गिरफ्तार करने में सफल रही। वहीं पटवारी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय बैढ़न गुरूवार की देर शाम लाया गया, जहां पटवारी अचानक बीमारी का बहाना बताया। परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की अल सुबह टाय्लेट के खिड़की के रास्ते से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस की अलग-अलग टीमे कर रही हैं, लेकिन करीब 30 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
आरोपी के ठिकानों पर पुलिस की दबिश
पुलिस के कस्टडी से फरार आरोपी निलंबित पटवारी की तलाश पुलिस सरगर्मी के साथ कर रही है। कोतवाली बैढ़न के साथ-साथ मोरवा पुलिस की टीम आरोपी के चुनिंदा ठिकानों पर दबिश दे रही है। उसके नजदीकियों से पुलिस द्वारा पूछतांछ की जा रही है। हालांकि अभी तक आरोपी का कोई सुराग नही मिला है। पटवारी कहां फरार हुआ, पुलिस कैसे चुक कर दी, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। हालांकि एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुये एएसआई गुलाब प्रसाद बरौलिया एवं आरक्षक को निलंबित कर दिया।
