इंदौर बिजली बिल जमा करने के लिए अब उपभोक्ताओं को नकद पैसे जुटाने या खुले पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. घर-घर बिजली बिल वसूली करने वाले एजेंट अब मौके पर ही मोबाइल से क्यू आर कोड जनरेट कर उपभोक्ता को दिखाएंगे. क्यू आर कोड स्कैन करते ही बिल का पूरा विवरण सामने आएगा और भुगतान सीधे बिजली कंपनी के खाते में चला जाएगा.
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने डोर-टू-डोर बिल कलेक्शन व्यवस्था में यह बदलाव किया है. नई व्यवस्था में खास बात यह है कि उपभोक्ता को किसी अलग वेबसाइट या ऐप पर जाकर बिल की जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी. एजेंट उपभोक्ता के आईवीआरएस नंबर के आधार पर क्यू आर कोड जनरेट करेगा. इसे स्कैन करने पर मोबाइल स्क्रीन पर उपभोक्ता का नाम, कनेक्शन नंबर, पता और बिल की राशि सहित अन्य विवरण दिखाई देंगे.
खुल्ले पैसों की परेशानी भी होगी खत्म
अब तक घर पहुंचे बिल संग्रहण एजेंट को नकद भुगतान करने में कई बार खुले पैसे की समस्या सामने आती थी. ऐसे में क्यू आर कोड की सुविधा उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. जिन लोगों के पास नकद राशि नहीं है या वे कैशलेस भुगतान करना चाहते हैं, वे मौके पर ही डिजिटल भुगतान कर सकेंगे. भुगतान होते ही बिजली खाते में राशि जमा होने की प्रक्रिया केंद्रीयकृत सर्वर के जरिए अपडेट होगी. कंपनी के अनुसार, क्यू आर कोड से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को कैशलेस भुगतान का लाभ भी दिया जाएगा.
एजेंट की पहचान जांचना भी जरूरी
घर पर बिल लेने आने वाले एजेंट को लेकर उपभोक्ताओं के लिए कंपनी ने पहचान की व्यवस्था भी रखी है. एजेंट के पास संबंधित जोन या वितरण केंद्र से जारी परिचय पत्र रहेगा। ऐसे में भुगतान करने से पहले उपभोक्ता एजेंट का परिचय पत्र देख सकेंगे. हालांकि, नकद भुगतान का विकल्प फिलहाल बंद नहीं किया गया है. उपभोक्ता चाहें तो एजेंट को नकद राशि देकर पहले की तरह ई-पद्धति से रसीद प्राप्त कर सकते हैं. क्यू आर कोड की सुविधा शुरू होने से डोर-टू-डोर बिल संग्रहण व्यवस्था में डिजिटल भुगतान का दायरा बढ़ने की उम्मीद है
