सतना : गुरुवार की दोपहर 12:45 मिनट पर अचानक रेलवे का हूटर बजना शुरु हो गया. मौके पर भागते हुए पहुंचे रेल अमला को जानकारी मिली कि डभौरा और कटइयाडंडी रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी डीरेल हो गई है. लेकिन इससे पहले ही दुर्घटना राहत यान रवाना होता, मॉक ड्रिल का संदेश सामने आ गया.गुरुवार की दोपहर रेल परिसर में सब कुछ सामान्य चल रहा था. लेकिन जैसे ही 12: 45 बजे जैसे ही हूटर बजना शुरु हुआ वैसे ही रेल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी शुरु हो गई.
आनन-फानन में सभी विभागों से संबंधित रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी यार्ड में एकत्रित होने लगे. रेल कर्मियों को यह जानकारी मिली कि सतना प्रयागराज रेलखण्ड पर डभौरा और कटइयाडंडी रेलवे स्टेशन के बीच एम मालगाड़ी पटरी से उतर गई है. जिसे देखते हुए रेल कर्मियों द्वारा अपने अपने विभाग के कर्मचारियों को फोन करते हुए मौके पर पहुंचने के लिए कहा जाने लगा. रेल कर्मियों के एकत्रित होते ही 13:00 बजे एमआरआर को मौके से रवाना भी कर दिया गया.
इसी कड़ी में दुर्घटना राहत यान भी प्रस्थान करने के लिए तैयार हो गई. लेकिन एमआरआर के निकलने के 3 मिनट बाद ही संदेश आ गया कि यह एक मॉक ड्रिल थी. जिसके चलते सभी रेल अधिकारी और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली. बताया गया कि मॉक ड्रिल का शेड्यूल पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय जबलपुर से ही निर्धारित होता है. वहीं के निर्देश पर आपातकालीन संदेश प्रसारित करने के लिए हूटर बजना शुरु होता है. और वहीं से यह बताया जाता है कि यह एक मॉक ड्रिल थी. रेल संरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चत करने के उद्देश्य से समय समय पर मॉक ड्रिल आयोजित होती रहती है
