
देवास। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। गुरुवार शाम प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की मौजूदगी में जब्त की गई मिठाइयों को नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही बुधवार रात शहर की दो प्रमुख मिठाई दुकानों पर हुई कार्रवाई का मामला भी चर्चा में है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित एनालॉग मावे से तैयार मिठाइयां मिलने के बाद उन्हें जब्त किया गया था।
गुरुवार को नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर की मौजूदगी में जब्त मिठाइयों के नष्टीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों के बीच भी मिलावट को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पहले जांच, फिर मिठाइयों का नष्टीकरण-
दरअसल, बुधवार रात प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने नयापुरा स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स और भोपाल चौराहा स्थित जोधपुर स्वीट्स पर छापामार कार्रवाई की थी। कार्रवाई रात करीब 11 बजे तक चली। जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में मावा, मिठाई और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। प्रशासन के अनुसार प्रदेश सरकार ने एनालॉग मावे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। जांच में इसी प्रतिबंधित मावे से मिठाई तैयार किए जाने की बात सामने आई। इन्हें प्रशासन ने गुरुवार शाम को ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट करवाया।
न्यू स्वदेशी स्वीट्स में मिले 252 किलो पैकेट-
न्यू स्वदेशी स्वीट्स की जांच के दौरान टीम ने 220 किलो एनालॉग मावे के खाली पैकेट और 52 किलो भरे हुए पैकेट जब्त किए। इसके बाद टीम भोपाल चौराहा स्थित जोधपुर स्वीट्स पहुंची। यहां मिठाई तैयार किए जाने का काम चल रहा था। जांच के दौरान करीब 600 किलो इस्तेमाल किए गए पैकेट और 72 किलो भरे हुए पैकेट मिले। जहां मिठाई तैयार की जा रही थी, उस स्थान को सील कर दिया गया था। इस तरह एक प्रतिष्ठान से 252 किलो और जोधपुर स्वीट्स से करीब 700 किलो के एनालॉग मावे से तैयार मिठाई मिलने की जानकारी मिली।
राखी पर मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी-
नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि रक्षाबंधन के दौरान मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता का ध्यान रखें, ताकि मिलावटी अथवा घटिया सामग्री के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल—किस मिठाई पर करें भरोसा?
रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर मिठाई की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई ने उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ा दी है। एक ओर बाजार में त्योहार की रौनक है, वहीं दूसरी ओर मिलावटी या प्रतिबंधित मावे से तैयार मिठाइयों की आशंका ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किस दुकान की मिठाई पर भरोसा किया जाए। यही वजह है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर शहर की मिठाई दुकानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच और नियमित कार्रवाई की मांग उठाई जाती रही है। रक्षाबंधन से पहले हुई यह कार्रवाई अब प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी छोड़ गई है कि त्योहार के दौरान बाजार में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाए।
