भोपाल। बड़े तालाब को लेकर जलकुंभी और पेस्टीसाइड के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। तालाब में बढ़ती जलकुंभी न सिर्फ इसकी खूबसूरती, बल्कि पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।
मामला सिर्फ तालाब की सफाई तक सीमित नहीं है। सवाल ये भी है कि अगर पेस्टीसाइड का इस्तेमाल हो रहा है, तो इसका असर बड़े तालाब के पानी, जलीय जीवों और पर्यावरण पर कितना पड़ रहा है?
इन तमाम सवालों पर हमने बात की है नगर निगम अध्यक्ष से। जानिए—बड़े तालाब में जलकुंभी और पेस्टीसाइड के इस्तेमाल को लेकर नगर निगम का क्या कहना है और क्या कार्रवाई की जाएगी?
इस मुद्दे पर जब हमने नगर निगम अध्यक्ष से बात की, तो उन्होंने साफ किया कि बड़े तालाब की सफाई का काम लगातार जारी है। नगर निगम के मुताबिक, तालाब से जलकुंभी को लगातार हटाया जा रहा है। बारिश के दौरान जलकुंभी तेजी से बढ़ती है, इसलिए इसे हटाने का काम भी लगातार किया जाता है।
वहीं, बड़े तालाब के पानी से होने वाली पेयजल सप्लाई को लेकर भी नगर निगम अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि तालाब के पानी को स्वच्छ करने की प्रक्रिया के बाद ही इसे लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है।
यानी नगर निगम का दावा है कि एक तरफ बड़े तालाब की सफाई लगातार जारी है, तो दूसरी तरफ सप्लाई होने वाले पानी को भी शुद्ध करने के बाद ही घरों तक पहुंचाया जाता है।
