नई दिल्ली, हवाई यात्रा के वक्त यदि आपका चेक्ड-इन लगेज गुम या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले संबंधित एयरलाइन के बैगेज काउंटर पर जाकर ‘प्रॉपर्टी इरेगुलरिटी रिपोर्ट’ (PIR) जरूर दर्ज कराएं। इस शिकायत की कॉपी और रेफरेंस नंबर को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना आगे मुआवजा क्लेम करना संभव नहीं हो पाता है।
नियमों के तहत मिलने वाला मुआवजा
विमानन नियमों के अनुसार, यदि बैग मिलने में 24 घंटे से अधिक की देरी होती है, तो एयरलाइन जरूरी सामान के लिए मुआवजा देती है और 21 दिनों तक बैग न मिलने पर उसे पूरी तरह खोया हुआ माना जाता है। घरेलू उड़ानों में लगेज खोने पर प्रति किलो के हिसाब से अधिकतम 20,000 रुपये तक का मुआवजा पाने का प्रावधान है।
लिखित शिकायत और विकल्प
घटना के 7 दिनों के भीतर एयरलाइन को लिखित शिकायत भेजनी होगी, जिसमें बोर्डिंग पास, लगेज टैग और नुकसान की फोटो संलग्न करनी होती है। यदि एयरलाइन उचित मुआवजा देने से मना करती है, तो यात्री उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाकर अपने कानूनी अधिकारों के तहत न्याय मांग सकते हैं।

