नासिक, 27 अगस्त (वार्ता) नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिम्हस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत नासिक और आसपास के क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण एवं मरम्मत के कारण यातायात जाम एवं दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए नागरिक समाज ने प्रशासन से भारी वाहनों की आवाजाही के लिए अलग समय निर्धारित करने का आग्रह किया है।
निर्माण कार्यों के कारण कई सड़कें संकरी और व्यस्त हो गयी हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है।
कई मार्गों पर गड्ढे, कीचड़, अधूरे हिस्से और निर्माण सामग्री पड़ी है। इन मार्गों पर कंटेनर, ट्रक, डंपर, जेसीबी और रोड रोलर जैसे भारी वाहन भी चल रहे हैं। संकरी और असमतल सड़कों पर दोपहिया चालकों को भारी वाहनों को रास्ता देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
इसी को देखते हुए सड़क कार्य पूरा होने तक भारी वाहनों की आवाजाही के लिए अलग समय निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है।
प्रशासन के समक्ष रखे गये प्रस्ताव के अनुसार, भारी वाहनों को यथासंभव रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक चलने की अनुमति दी जाए और सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक उनकी आवाजाही को प्रतिबंधित या सीमित रखा जाये। दिन के समय यातायात का दबाव अधिक होने के कारण इससे दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
आवश्यक सेवाओं, आपात स्थिति अथवा ऐसी परिस्थितियों में जहां निर्माण वाहनों की दिन में आवाजाही तकनीकी रूप से जरूरी हो, उनके लिए अलग अनुमति और निर्धारित मार्ग की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।
इसके साथ ही कुंभ मेला प्राधिकरण, कुंभ मेला आयुक्त, नासिक नगर निगम आयुक्त और पुलिस आयुक्त को संयुक्त रूप से निर्माणाधीन प्रमुख सड़कों के लिए एक समर्पित यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने का आग्रह किया गया है।
प्रस्ताव में दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित और संभव हो तो अलग मार्ग उपलब्ध कराने, निर्माण स्थलों पर स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। नागरिकों को भी पहले से उन सड़कों और समय की जानकारी देने का सुझाव दिया गया है, जब भारी वाहनों को आवाजाही की अनुमति होगी।
दुर्घटना संभावित स्थानों का संयुक्त सर्वेक्षण कर वहां तत्काल यातायात पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
प्रस्तावित अस्थायी यातायात व्यवस्था सड़क निर्माण पूरा होने तक लागू रखने तथा संबंधित मार्गों पर यातायात की स्थिति के आधार पर बाद में इसकी समीक्षा करने की बात कही गई है।
सिम्हस्थ कुंभ मेला बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास की मांग करता है, लेकिन विकास कार्यों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रस्ताव में सड़क निर्माण और यातायात संचालन के बीच बेहतर समन्वय तथा दिन में दोपहिया और अन्य हल्के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
