
जबलपुर: संपत्ति कर, जल कर और अन्य शुल्कों के त्वरित व सुगम भुगतान के लिए डिजिटल और ऑन-द-स्पॉट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे नागरिकों को असुविधा न हो। राजस्व में वृद्धि से शहर की सडक़ों, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को सीधे लाभ मिलेगा। राजस्व संग्रह की प्रगति की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी ताकि पेंडेंसी को न्यूनतम किया जा सके।
दरअसल नगर निगम के राजस्व को सुदृढ़ कर शहर के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के निर्देश पर राजस्व प्रभारी एवं एमआईसी. सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। राजस्व प्रभारी एवं एम.आई.सी. सदस्य डॉ. तिवारी ने राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों को राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुगम बनाने पर विशेष चर्चा हुई। राजस्व प्रभारी ने राजस्व विभाग के सभी वार्ड प्रभारियों और अधिकारियों को वित्तीय लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए कार्ययोजना के तहत काम करने के निर्देश दिए गए।
लक्ष्य प्राप्त होंगे, बेहतर सुविधाएं मिलेगी
डॉ. सुभाष तिवारी ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जनसहयोग और प्रशासनिक सक्रियता के समन्वय से न केवल राजस्व के लक्ष्य प्राप्त होंगे, बल्कि नगर निगम आर्थिक रूप से सशक्त होकर नागरिकों को और बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान कर सकेगा। बैठक में राजस्व विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
