
नीमच। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और सुशासन को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिला अस्पताल की निगरानी के लिए अधिकारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है। अब प्रतिदिन अपर कलेक्टर से लेकर डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और सामने आने वाली कमियों को मौके पर ही दूर कराने के निर्देश देंगे।
इसी क्रम में शनिवार को डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुबह करीब 11:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन एवं सिविल सर्जन से आवश्यक जानकारी भी ली।
मरीजों से सीधे लिया सुविधाओं का फीडबैक
डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर प्रतिदिन एक अधिकारी द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जाना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्जिकल वार्ड, मेडिकल वार्ड, डिलीवरी वार्ड, बच्चा वार्ड, आईसीयू सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार और उपलब्ध सुविधाओं का फीडबैक लिया। मरीजों से यह भी पूछा गया कि इलाज के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही तथा उपचार के बदले किसी प्रकार की राशि की मांग तो नहीं की जाती।
डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई गंभीर शिकायत सामने नहीं आई। अधिकांश मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्टि जाहिर की।
सफाई और पेयजल व्यवस्था में मिली कमियां
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था में कमी सामने आई। वार्डों, कॉरिडोर और बाथरूम की नियमित एवं उचित सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों तथा संबंधित वेंडर को निर्देश दिए गए। वहीं पेयजल से संबंधित कुछ शिकायतें भी सामने आईं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
अस्पताल में मरीजों को बेडशीट सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
हर विंग के लिए हेल्पलाइन नंबर का सुझाव
डिप्टी कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा के दौरान सुझाव दिया कि प्रत्येक बिल्डिंग अथवा विंग के लिए एक हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी कर्मचारी या वार्ड प्रभारी को तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बेडशीट, सफाई या अन्य मूलभूत सुविधा से जुड़ी समस्या होने पर मरीज सीधे संबंधित नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसके निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
ड्यूटी रजिस्टर की जांच, कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर निर्देश
ड्यूटी और स्टाफ की उपस्थिति को लेकर डिप्टी कलेक्टर ने रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकांश पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित मिला। वहीं कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के संबंध में सिविल सर्जन को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की बेहतर व्यवस्था के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर उपलब्धता बेहद आवश्यक है।
कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी बिंदुओं का विस्तृत ऑब्जरवेशन तैयार कर कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रतिदिन अधिकारियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जाएगा। नियमित निगरानी से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार आने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
