तेहरान, 22 अगस्त (वार्ता) ईरान ने बगदाद के लगातार अनुरोधों के बाद कई इराकी तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी।
ईरानी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, यह अनुमति इराकी सरकार की अपील के बाद दी गयी। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ की हाल की ईरान यात्रा के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में अब भी काफी कम है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण जलमार्ग ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष में दबाव बनाने के एक प्रमुख माध्यम के रूप में उभरा है।
यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान 103 जहाज अंदर आए और 89 जहाज बाहर गये। यह आवाजाही युद्ध से पहले के सात दिनों के औसत का केवल करीब 20 प्रतिशत रही।
इस अवधि में अधिकांश जहाज पनामा और लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित हो रहे थे, जबकि अमेरिका के झंडे वाला कोई जहाज दर्ज नहीं किया गया। आवाजाही में उत्पाद टैंकरों की संख्या सबसे अधिक रही, जो आमतौर पर परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन करते हैं।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने इससे पहले कहा था कि अमेरिकी नौसेना की सहायता से 1.5 करोड़ बैरल से अधिक तेल और पेट्रोलियम उत्पाद होर्मुज जलडमरूमध्य से ले जाये गये हैं, जबकि पांच लाख बैरल अन्य तेल पाइपलाइनों के जरिए भेजे गये।
श्री राइट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ” इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमेरिकी नौसेना की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति जारी है।”
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके जरिए जहाजों की आवाजाही में किसी भी बड़े व्यवधान का अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत फिर शुरू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अल-बुसैदी से फोन पर बातचीत की।
दोनों मंत्रियों ने शुक्रवार देर रात हुई बातचीत में क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम, वार्ता फिर शुरू करने के लिए अनुकूल परिस्थितियों और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नौवहन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
