रायपुर, 22 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच उत्तर और मध्य हिस्सों में अगले सात दिनों तक कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस बीच एक जून से 20 अगस्त तक प्रदेश में औसत बारिश सामान्य से छह प्रतिशत कम दर्ज की गई है और राज्य की स्थिति सामान्य श्रेणी में बनी हुई है।
बारिश के कारण नदी-नालों में बढ़े जलस्तर के बीच बिलासपुर जिले के मल्हार क्षेत्र में लीलगार नदी पार करते समय दो युवक बाइक समेत तेज बहाव में फंस गए। मौके पर मौजूद मनाडेरा के मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट ने लकड़ी की मदद से दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव किए जाने से दोनों की जान बच गई। एसएसपी ने साहस और तत्परता दिखाने वाले तीनों लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इधर मनेंद्रगढ़ में जनकपुर के पास गोहड़ारी नदी पर बनी करीब 50 साल पुरानी पुलिया तेज बहाव से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिया के खंभे टूटने से इसका करीब 70 प्रतिशत हिस्सा खराब हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए यहां भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिर सकती है। अगले दो दिनों के दौरान भी अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने का अनुमान है।
राजधानी रायपुर में 22 अगस्त को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश में सर्वाधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस तापमान जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम 21.6 डिग्री सेल्सियस तापमान पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश में एक जून से 20 अगस्त तक औसतन 771.8 एमएम (30.4 इंच) बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि की सामान्य बारिश 818.7 एमएम (32.2 इंच) है। इस तरह राज्य में मौसमी बारिश सामान्य से केवल छह प्रतिशत कम है। हालांकि राज्य के औसत आंकड़े के मुकाबले अलग-अलग जिलों में वर्षा के वितरण में बड़ा अंतर बना हुआ है। कुछ जिलों में सामान्य से 55 प्रतिशत तक अधिक तो कुछ में 41 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 13 जिलों में बारिश सामान्य रही है, जबकि आठ जिलों में सामान्य से अधिक यानी एक्सेस बारिश दर्ज की गई है। सात जिले डेफिशिएंट कैटेगरी में हैं। शेष जिलों में भी बारिश सामान्य के आसपास दर्ज की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में एक जून से 20 अगस्त तक 1014.6 एमएम (40 इंच) बारिश हुई है, जबकि यहां सामान्य बारिश 653 एमएम (25.7 इंच) है। इस प्रकार जिले में सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बलरामपुर में 45 प्रतिशत, मुंगेली में 35 प्रतिशत, महासमुंद में 26 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 25 प्रतिशत, जांजगीर में 21 प्रतिशत और नारायणपुर में 21 प्रतिशत एक्सेस बारिश दर्ज की गई है।
इसके विपरीत बारिश की कमी वाले जिलों में सरगुजा की स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है। यहां सामान्य 851.6 एमएम के मुकाबले केवल 499.7 एमएम बारिश हुई है और जिला सामान्य से 41 प्रतिशत नीचे है। बेमेतरा और कांकेर दोनों में 39 प्रतिशत की कमी है, जबकि जशपुर में सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बस्तर में 25 प्रतिशत और कोंडागांव में 22 प्रतिशत की कमी बनी हुई है।
रायपुर जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 805.5 एमएम (31.7 इंच) बारिश हो चुकी है। यहां सामान्य आंकड़ा 722.2 एमएम (28.4 इंच) है और बारिश सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक है। दुर्ग में 606.3 एमएम (23.9 इंच) वर्षा हुई है, जबकि सामान्य बारिश 707.4 एमएम (27.8 इंच) है। यहां 14 प्रतिशत की कमी के बावजूद जिला सामान्य श्रेणी में है। राजनांदगांव में भी 14 प्रतिशत तथा कबीरधाम और मोहला-मानपुर-चौकी में 17 प्रतिशत तक कम बारिश के बावजूद स्थिति सामान्य दायरे में बनी हुई है।
बस्तर संभाग में भी वर्षा का वितरण असमान है। नारायणपुर में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि बीजापुर और दंतेवाड़ा में स्थिति सामान्य है। दूसरी ओर बस्तर में 25 प्रतिशत, कोंडागांव में 22 प्रतिशत और कांकेर में 39 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
वर्षा की वास्तविक मात्रा के लिहाज से नारायणपुर में 1068.7 एमएम (42.1 इंच), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1014.6 एमएम (40 इंच), बलरामपुर में 994.4 एमएम (39.2 इंच), जांजगीर में 942.6 एमएम (37.1 इंच), महासमुंद में 939.5 एमएम (37 इंच) और बीजापुर में 939.4 एमएम (37 इंच) बारिश दर्ज की गई है। इसके मुकाबले बेमेतरा में केवल 455.3 एमएम (17.9 इंच) और सरगुजा में 499.7 एमएम (19.7 इंच) वर्षा हुई है।
प्रदेश के समग्र मानसूनी आंकड़ों में अगस्त के तीसरे सप्ताह तक सुधार आया है और कुल मौसमी बारिश सामान्य के करीब पहुंच चुकी है। जून और जुलाई के शुरुआती दौर में कई जिलों में बनी बारिश की बड़ी कमी भी काफी हद तक कम हुई है। इसके बावजूद सरगुजा, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर, बस्तर और कोंडागांव सहित कुछ जिलों में वर्षा का घाटा बरकरार है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर मानसून सीजन के अंत तक वर्षा की कमी और घटने की संभावना है।
