जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में स्पष्ट किया है कि मुकदमे में मुद्दे तय होने और मामला साक्ष्य के लिए निर्धारित हो जाने के बाद काउंटर-क्लेम दाखिल नहीं किया जा सकता। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने शिव कुमार विश्वकर्मा बनाम धर्मदास एवं अन्य मामले में सिविल रिवीजन स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलट दिया। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट आशीष सिंघई ने पैरवी की। मामले में ट्रायल कोर्ट ने नौ दिसंबरए 2025 को काउंटर-क्लेम खारिज करने के लिए आदेश सात नियम- 11 सीपीसी के तहत प्रस्तुत आवेदन निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन दायर की गई।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि प्रतिवादी ने मुद्दे तय होने तथा मामला साक्ष्य के लिए निर्धारित किए जाने के बाद काउंटर-क्लेम प्रस्तुत किया था। काउंटर-क्लेम का आधार मुकदमे की लंबित अवधि में हुई कथित बाद की घटनाओं को बनाया गया था। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि काउंटर-क्लेम दाखिल करने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसमें अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि काउंटर-क्लेम दाखिल करने की बाहरी सीमा मुद्दे तय होने तक है। कोर्ट ने काउंटर-क्लेम को गैर.स्वीकार्य मानते हुए खारिज कर दिया। हालांकि, संबंधित पक्ष को कानून के अनुसार अलग वाद दायर करने के अधिकार पर इस आदेश का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
