
सिंग्रामपुर/दमोह। सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार जैसी जरूरी स्थिति में भी ग्रामीणों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है।
हाल ही में चौधरी परिवार में एक व्यक्ति के निधन के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण मृतक के अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचना संभव नहीं हो सका। परिजनों और ग्रामीणों को करीब 5 से 6 घंटे तक शव को घर पर ही रखना पड़ा। बाद में जब नदी का बहाव कुछ कम हुआ, तब ग्रामीणों ने कमर भर पानी में नदी पार कर मृतक को मुक्तिधाम तक पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। ग्रामीणों द्वारा मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल निर्माण की मांग को लेकर सामूहिक रूप से आवेदन भी किया जा चुका है। बताया गया कि करीब तीन वर्ष पहले आरईएस विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच के लिए टीम भेजी गई थी और जांच के बाद फाइल भी तैयार की गई थी जिसकी राशि लगभग 40 लाख थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी नदी पार कर मुक्तिधाम पहुंचना मुश्किल होताज है, जबकि बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ऐसे समय में किसी परिवार में मृत्यु होने पर परिजनों को मानसिक पीड़ा के साथ-साथ शव को मुक्तिधाम तक ले जाने की कठिन परिस्थिति से भी गुजरना पड़ता है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीण जन कल्याण चौधरी, बबलू चौधरी, राजकुमार बंसल, छोटू बंसल, आशा, महेश, संजय आदि ग्रामीणों ने मांग की है कि टगरा मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम तक सुरक्षित आवागमन के लिए नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने आवेदन और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले को पुनः गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
