
दमोह। श्रावण मास में भगवान श्रीमहादेव के दर्शन व जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रावण सोमवार के अवसर पर गर्भगृह के बाहर से ही भगवान श्रीमहादेव को जल अर्पित करने व दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में विगत रविवार, दिनांक 16 अगस्त 2026 को श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए आगामी रविवार, दिनांक 23 अगस्त 2026 को भी श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह के बाहर से ही जल चढ़ाने व दर्शन की व्यवस्था रखने का निर्णय लिया गया है।
श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक आचार्य पंडित रामकृपाल पाठक, शास्त्री महाराज ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। इस दौरान देशभर से श्रद्धालु भगवान श्रीमहादेव के दर्शन, पूजन व जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता एवं सुरक्षित रूप से भगवान के दर्शन प्राप्त हों और किसी प्रकार की अव्यवस्था अथवा असुविधा उत्पन्न न हो आगामी रविवार 23 अगस्त को श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था नहीं रहेगा श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह के बाहर से ही भगवान श्रीमहादेव के दर्शन तथा निर्धारित स्थान से जल अर्पित करने की व्यवस्था रहेगी उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए निर्धारित मार्ग व जलाभिषेक स्थल का ही उपयोग करें तथा भीड़ के बीच धक्का-मुक्की न करें उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुगम दर्शन मंदिर ट्रस्ट की प्राथमिकता है अत्यधिक भीड़ के समय गर्भगृह में प्रवेश नियंत्रित करने का उद्देश्य किसी श्रद्धालु की धार्मिक भावना को रोकना नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में भगवान के दर्शन उपलब्ध कराना है विशेष अवसरों पर कुछ समय के लिए व्यवस्थाओं में परिवर्तन भीड़ की स्थिति के अनुसार किया जा सकता है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों व प्रशासन का सहयोग करें तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही जलाभिषेक और दर्शन करें। श्रद्धालु अपने साथ अनावश्यक सामान लेकर मंदिर परिसर में न आएं और भीड़ को देखते हुए वृद्धजन, बच्चों एवं महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखें।
मंदिर ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 23 अगस्त 2026, रविवार को श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीमहादेव का दर्शन एवं जलाभिषेक गर्भगृह के बाहर से ही कराया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे व्यवस्था को समझते हुए धैर्य और अनुशासन के साथ भगवान श्रीमहादेव के दर्शन करें तथा मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, जिससे सभी श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित रूप से दर्शन का लाभ मिल सके।
