
श्री नेतन्याहू ने अपनी लिकुड पार्टी की ओर से जारी एक वीडियो में कहा, ” हम दक्षिण की ओर बढ़ते तुर्की के ऐसे सैन्य जमावड़े को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिससे हमारे लिए खतरा पैदा हो।” उन्होंने कहा कि इजरायल ने अलेप्पो के पास सैन्य अड्डे पर तुर्की की संभावित मौजूदगी को लेकर पहले ही अंकारा के समक्ष अपनी चिंता जाहिर की थी। उनके अनुसार, तुर्की ने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। श्री नेतन्याहू ने कहा, “जाहिर तौर पर उन्होंने बात नहीं सुनी, इसलिए हमने सुनिश्चित किया कि वे इसे अधिक स्पष्ट रूप से समझें।” इसे मंगलवार को हुए हमले में इजरायल की संलिप्तता की स्वीकारोक्ति के तौर पर देखा जा रहा है। श्री नेतन्याहू के कार्यालय ने मंगलवार के हमले की सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेने से परहेज किया था। उसने कहा था कि तुर्की की सेना ने हाल में सैन्य अड्डे का निरीक्षण किया था और इजरायल ने सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी से पैदा होने वाले संभावित खतरे को स्वीकार नहीं करने की चेतावनी दी थी।
तुर्की में अमेरिका के राजदूत और ट्रंप प्रशासन के सीरिया मामलों के विशेष दूत टॉम बैरक ने हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया और इसे अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई बताया।यह हमला ऐसे समय हुआ है जब इजरायल और तुर्की के संबंधों में तेजी से गिरावट आई है। अंकारा क्षेत्र में इजरायल के सबसे मुखर आलोचकों में शामिल हो गया है। इजरायली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अयाल जमीर ने भी सीरिया में इजरायली सैनिकों से मुलाकात के दौरान तुर्की को परोक्ष चेतावनी दी। उन्होंने तुर्की का नाम लिए बिना कहा, “हमें आतंकवादी खतरों के विकास को रोकना होगा और साथ ही अपनी सीमाओं पर किसी बड़े सैन्य खतरे के गठन को भी रोकना होगा।” उन्होंने कहा कि इजरायल जानता है कि अपनी ‘परिचालन क्षमताओं’ का सटीक इस्तेमाल ‘कहां और कब’ करना है।
श्री बैरक ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इजरायल की इस कार्रवाई को तनाव बढ़ाने वाला कदम मानता है। वहीं, तुर्की ने श्री नेतन्याहू के दावों को ‘अस्थिर’ बताते हुए खारिज कर दिया और उन पर क्षेत्र में विस्तारवादी एवं अस्थिरता पैदा करने वाली नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। ताजा विवाद ने पहले से अस्थिर पश्चिम एशिया में तनाव की एक और परत जोड़ दी है। इजरायल पहले से ईरान और उसके सहयोगियों के साथ व्यापक क्षेत्रीय टकराव में उलझा हुआ है। श्री नेतन्याहू की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि इजरायल अपनी उत्तरी सीमाओं के आसपास उभरने वाले किसी भी संभावित खतरे, जिसमें सीरिया में किसी विदेशी शक्ति की महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी भी शामिल है, के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
