दिल्ली-एनसीआर में और बारिश के आसार, मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर मध्यम बौछारें पड़ने का जताया अनुमान

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) दिल्ली में बुधवार को आमतौर पर गर्म और उमस भरा मौसम रहा, जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हुई।

सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में आमतौर पर बादल छाये रहने और बारिश के दौर का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान गिरकर 32-34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। राजधानी में सुबह से दोपहर के दौरान कई स्थानों पर हल्की बारिश के एक-दो दौर और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है, जिसके बाद शाम और रात के दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर आ सकता है। आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, हालांकि इसके धीमे होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने कहा कि अगले सात दिनों के दौरान दिल्ली के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। बारिश की गतिविधियों से हालांकि दिन की गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है। सफदरजंग में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम आर्द्रता (ह्युमिडिटी) 94 प्रतिशत और न्यूनतम 52 प्रतिशत दर्ज की गयी। शाम 5:30 बजे दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगभग आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। पूरे दिल्ली-एनसीआर में लिस्टेड स्टेशनों में गुड़गांव में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। सफदरजंग में 36.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि पालम में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी झारखंड और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार व दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बना गहरा दबाव कमजोर पड़ गया है। यह आज सुबह 11:30 बजे उसी क्षेत्र के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव क्षेत्र में बदल गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इस मौसमी प्रणाली के दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश, सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के आसार हैं। मौजूदा मानसून ट्रफ और इससे जुड़ी अन्य मौसमी प्रणालियों के साथ-साथ इसकी हलचल से उत्तर और मध्य भारत के हिस्सों में बारिश की गतिविधियों पर असर पड़ने की उम्मीद है। मानसून ट्रफ फिरोजपुर से करनाल और हरदोई से होते हुए कम दबाव क्षेत्र के केंद्र से गुजरकर दीघा और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही देश के उत्तरी और मध्य भागों में कई ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ भी बने हुए हैं।

 

 

 

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