
उन्होंने कहा कि ‘गति शक्ति’ इस विजन का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिसके अंतर्गत बेहतर गतिशीलता, मजबूत कनेक्टिविटी और ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देना आवश्यक है। दिल्ली में आज 200 नयी इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ और राजघाट डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये पहल राजधानी में स्वच्छ, हरित और सस्टेनेबल सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के साथ-साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का विजन ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र तैयार करना है जो पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, अंतरराज्यीय ई-बस कनेक्टिविटी, महिलाओं के लिए समर्पित बस सेवाएं और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ये सभी पहल एक ऐसे दिल्ली के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते कदम हैं, जहां सार्वजनिक परिवहन स्वच्छ, स्मार्ट और हर नागरिक की पहली पसंद बनेगी।
उन्होंने विशेष रूप से लेडीज स्पेशल बस सेवा को छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुविधाजनक यात्रा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समर्पित सेवाओं में महिला कंडक्टरों के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं को उनके कॉलेजों और प्रमुख आवासीय क्षेत्रों के बीच सुरक्षित एवं आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में लगातार इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गयी हैं। फरवरी में 500, मार्च में 300, अप्रैल में 200 और जुलाई में 300 नयी ईवी बसें शामिल की गयी तथा आज 200 और नयी इलेक्ट्रिक बसों को दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित किया गया। इसके बाद दिल्ली में 5000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और कुल बस बेड़ा लगभग 6,800 तक पहुंच गया है। इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों की जीवन गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘शक्ति की सप्तधारा’ के विजन को दिल्ली सबसे पहले अपनाते हुए विकास, स्वच्छता, हरित परिवहन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधु के मार्गदर्शन और दिल्लीवासियों की सक्रिय भागीदारी से दिल्ली को क्लीन, ग्रीन और विकसित दिल्ली बनाने का संकल्प निरंतर मजबूत होगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को यह लेडीज स्पेशल बस सेवा एक विशेष उपहार है।
यह पहल महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। इन सभी पहलों के माध्यम से हम दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज आने वाले वर्षों में दिल्ली के बस बेड़े को 2028-29 तक लगभग 14,000 बसों तक विस्तारित करने का लक्ष्य है ताकि दिल्ली के हर हिस्से और आसपास के क्षेत्रों तक बेहतर, विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन पहुंच सके।
