
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) निप्पो ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी इंडो नेशनल लिमिटेड ने एयर प्यूरिफिकेशन कारोबार में कदम रखते हुए बुधवार को निप्पो एयरव्यू बाजार में पेश किया।
मुख्य रूप के अपनी बैटरियों के लिए पहचान बना चुकी कंपनी ने टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद की श्रेणी में पहली बार कदम रखा है। इंडो नेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार बी.वी.एस. ने यहां लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि यह कंपनी के लिए एक नया अध्याय है। कंपनी ने अलग-अलग कमरे के आकार के लिए चार एयर प्यूरिफायर और कमरे की गुणवत्ता बताने के लिए दो मॉनिटर पेश किये हैं। श्री कुमार ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अगले तीन साल में वित्त वर्ष 2029-30 तक इस श्रेणी में 100 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि ये चारों एयर प्यूरिफायर 15 सितंबर से दिल्ली-एनसीआर के बाजार में और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध होंगे।
श्री कुमार ने बताया कि इस समय देश में एयर प्यूरिफायर का बाजार 1,500 करोड़ रुपये का है जो 30-35 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर 70 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा बाजार है। यही कारण है कि कंपनी ने यहां से शुरुआत करने का फैसला किया है। बाद में देश के दूसरे मेट्रो शहरों और अन्य बड़े शहरों में भी विस्तार किया जायेगा। कंपनी ने अप्रैल 2025 में मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण किया था जो एयर प्यूरिफायर के कारोबार में पहले से थी। वह विशेषकर अस्पतालों के लिए एयर प्यूरिफायर बनाती थी।
इंडो नेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक आदित्य रेड्डी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य उर्जा भंडारण के उत्पाद से आगे बढ़ते हुए खुद को उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी के रूप में विकसित करना है। धीरे-धीरे कंपनी इंडोर एयर इंटेलिजेंस प्रणाली में खुद को स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। एयरव्यू इस यात्रा का पहला चरण है। मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक पॉल प्रदीप ने कहा कि उनकी कंपनी की प्रौद्योगिकी और निप्पो की बाजार में पहुंच मिलकर स्वच्छ हवा की बुनियादी जरूरत को पूरा करेगी। एयरव्यू को घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता मापने योग्य और उसके अनुरूप काम करने के लायक बनाया गया है। ये उत्पाद तीन बुनियादी काम करते हैं – निगरानी, हवा को स्वच्छ बनाना और इंटेलिजेंस। निगरानी के लिए प्रोडक्ट अलग से पेश किया गया है। प्यूरिफायर हवा को साफ करता है। एक मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरी प्रणाली की निगरानी करने और नियंत्रण रखने का काम होगा। तीनों आपस में जुड़े रहते हैं।
श्री पॉल ने कहा कि देश में पहली बार कोई ऐसा एयर प्यूरिफायर पेश किया गया है जो सूक्ष्म जीवी (माइक्रोबियल) प्रदूषण पर सबसे ज्यादा फोकस करता है। ये हवा में पीएम 2.5 की मात्रा को 99 प्रतिशत, फॉर्मल्डिहाइड को 99.9 प्रतिशत और सूक्ष्म जीवी प्रदूषण को 99.99 प्रतिशत कम करते हैं। इन्हें वाई-फाई से नियंत्रित और कनेक्ट किया जा सकता है। छह से दस महीने में एक बार फिल्टर बदलने की जरूरत होगी जो उपभोक्ता खुद ही बदल सकेंगे। अलग-अलग मॉडल के लिए इनकी कीमत 1,500 से 5,000 रुपये के बीच होगी। सबसे छोटा और सस्ता मॉडल एल3015 की अधिकतम खुदरा कीमत 18,999 रुपये रखी गयी है। यह 200-300 वर्ग फीट में हवा को साफ कर सकता है।
एम6015 की कीमत 24,999 रुपये और प्रभाव क्षेत्र 600-750 वर्ग फीट है। यू8015 की कीमत 43,999 रुपये है। इसका प्रभाव क्षेत्र 750-1,000 वर्ग फीट है। यू10015 की कीमत 51,999 रुपये है। यह 1,000-1,500 वर्ग फीट में हवा को साफ कर सकता है। मॉनिटर एक्यूएम प्रो की कीमत 18,999 रुपये और एक्यूएम प्रो मैक्स की कीमत 32,999 रुपये रखी गयी है। एक प्रश्न के उत्तर में श्री कुमार ने बताया कि मॉनिटर के बिना भी फिल्टर काम करेगा, लेकिन निगरानी इसलिए जरूरी है कि लोगों को पता चले कि हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है। श्री कुमार ने बताया कि हवा का एक्यूआई कितना भी हो, 20 मिनट के भीतर वह सुधरकर 15 से 18 तक आ जायेगा। इसमें ब्रशलेस डीसी (बीएलडीसी) मोटर लगे हुए हैं जिसके कारण 50-56 डेसीबल का ही शोर होता है।
