विद्युत पोल से गिरकर आउटसोर्स कर्मचारी की मौत, शव पहुंचते ही रामपुरा में चक्काजाम

रामपुरा। विद्युत सुधार कार्य के दौरान विद्युत पोल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए आउटसोर्स कर्मचारी मनीष पिता बाबूलाल आर्य, निवासी बादीपुरा, रामपुरा की उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को शव रामपुरा पहुंचते ही परिजनों और समाजजनों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित परिजनों ने नीमच-झालावाड़ रोड स्थित कॉलेज गेट के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, स्नढ्ढक्र दर्ज करने, पीडि़त परिवार को ?1 करोड़ मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को शासकीय नौकरी देने की मांग रखी। परिजनों का कहना है कि मनीष की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और तीन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी पर आ गई है।

पार्षद प्रतिनिधि सम्राट दीक्षित ने उठाई कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर पार्षद प्रतिनिधि सम्राट दीक्षित ने कहा कि जिस समय मनीष आर्य के साथ हादसा हुआ, उस दौरान विद्युत प्रभाव चालू होने की बात सामने आई है। इसी के चलते गंभीर स्थिति निर्मित होने का आरोप लगाया जा रहा है।

उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पीडि़त परिवार को ?1 करोड़ मुआवजा और मृतक की पत्नी को शासकीय नौकरी देने की मांग भी रखी, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।

एसडीएम किरण आंजना ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

एसडीएम किरण आंजना ने बताया कि सोमवार को विद्युत सुधार कार्य के दौरान मनीष पिता बाबूलाल आर्य विद्युत पोल से गिर गए थे। हादसे में घायल मनीष की उपचार के दौरान मौत हो गई।

एसडीएम ने बताया कि घटना के बाद परिवार एवं समाजजनों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन की ओर से उन्हें समझाइश दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विधायक अनिरुद्ध माधव मारू पहुंचे मौके पर

मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध माधव मारू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और घटनाक्रम की जानकारी ली।

विधायक मारू ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करते हुए परिजनों की मांगों को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने और पीडि़त परिवार को नियमानुसार राहत दिलाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेने के निर्देश दिए।

विधायक के पहुंचने के बाद खुला चक्काजाम

विधायक मारू के मौके पर पहुंचने और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद परिजन मनीष आर्य के शव को लेकर वहां से रवाना हो गए।

चक्काजाम समाप्त होने के बाद नीमच-झालावाड़ रोड पर यातायात भी सुचारू हो गया और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई।

पुलिस और प्रशासन रहा मौके पर मौजूद

चक्काजाम के दौरान एसडीएम किरण आंजना, एसडीओपी निकिता सिंह, तहसीलदार कमलेश डूडवे और थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने परिजनों और समाजजनों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य कराने का प्रयास किया।

फिलहाल प्रदर्शन समाप्त हो चुका है और परिजन शव को लेकर रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

अब जांच में हादसे की वास्तविक वजह और संभावित लापरवाही के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर है। वहीं पीडि़त परिवार की ओर से की गई ?1 करोड़ मुआवजे और मृतक की पत्नी को शासकीय नौकरी देने की मांग पर शासन-प्रशासन के निर्णय का इंतजार है।

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