
आलीराजपुर, समय-सीमा बैठक में सोमवार को कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने लंबित प्रकरणों और शिकायतों के निराकरण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से राजस्व मामलों पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाया। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण और बंटवारे का कोई भी प्रकरण तीन माह से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। अविवादित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां तत्काल दर्ज की जाएं। इसके साथ ही जिले के किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय भवनों को जमीनदोज करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
भुगतान में तकनीकी अड़चन बनी तो जिम्मेदारी तय होगी
पेंशन और विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशि वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर भुगतान मिले। बैंक खाता, ई-केवाईसी अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने पेंशन प्रकरणों के निराकरण और राशि भुगतान में विशेष निगरानी के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना के पात्र हितग्राहियों को लंबित राशि का तत्काल वितरण करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और जांच व्यवस्था सुचारू बनाए रखने को भी कहा गया।
जन विश्वास अभियान में केवल कागजी निराकरण नहीं
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती माथुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन का निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हितग्राही से फॉलोअप कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उसकी समस्या वास्तव में हल हुई है या नहीं।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान गोपालक दीदी से संबंधित पात्र प्रकरण तैयार कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार कर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
आंगनवाड़ियों में भोजन व्यवस्था पर भी सख्ती
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित समय और मेन्यू के अनुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भोजन वितरण अथवा व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर संबंधित सीडीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। नवीन निर्मित आंगनवाड़ी भवनों में केंद्रों को शीघ्र स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक से नदारद अधिकारी को नोटिस
समय-सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने पर प्रभारी जिला सांख्यिकी अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाते हुए शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती संघमित्रा गौतम, अपर कलेक्टर श्री सोहन कनास, अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज गरवाल, सुश्री दीपिका पाटीदार, सुश्री निर्मला कलमे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
