इंदौर: नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे के यहां लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब जांच उन संपत्तियों और दस्तावेजों पर केंद्रित हो गई है, जिनकी जानकारी छापे के दौरान सामने आई थी. बिचौली हप्सी तहसील के मुंडला दोस्तदार में कृषि भूमि का 55 लाख रुपए का एग्रीमेंट मिला है, लेकिन उसकी रजिस्ट्री नहीं मिली. लोकायुक्त अब यह पता लगा रहा है कि रजिस्ट्री कहीं गिरवी रखकर ऋण तो नहीं लिया.
छापे में मिले दस्तावेजों में कृषि भूमि के सौदे से जुड़ा एग्रीमेंट भी शामिल है. इसमें 55 लाख रुपए में जमीन का सौदा किए जाने का उल्लेख है. जांच के दौरान इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं मिलने के बाद लोकायुक्त ने इसके बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है. जांच अधिकारियों को आशंका है कि रजिस्ट्री किसी बैंक या वित्तीय संस्था के पास गिरवी रखी गई हो सकती है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि जमीन पर किसी तरह का ऋण या अन्य वित्तीय लेनदेन तो नहीं किया. इधर, कार्रवाई के दौरान सामने आए आधा दर्जन से अधिक बैंक खातों की भी जांच की जा रही है. छुट्टी के कारण खातों में जमा रकम की पूरी जानकारी अब तक लोकायुक्त को नहीं मिल सकी है.
संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय जानकारी मांगी गई है. साथ ही पांडे के नाम पर किसी बैंक में लॉकर होने की भी जानकारी जुटाई जा रही है. छापे के दौरान लॉकर होने का कोई प्रमाण नहीं मिला था, इसके बावजूद सभी संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर लॉकर की जानकारी मांगी गई है. पिछले दिनों हुई कार्रवाई में लोकायुक्त ने पांडे के यहां जमीन, मकान, छात्रावास, नकदी और वाहनों समेत पांच करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का खुलासा किया था. अब जांच एजेंसी दस्तावेजों में सामने आई संपत्तियों का सत्यापन कर रही है. इसके लिए नगर निगम को भी पत्र भेजकर पांडे की संपत्तियों और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन कराने को कहा है. बैंक खातों, लॉकर और 55 लाख रुपए के जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद उसकी संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है.
