
जबलपुर। शहर में बीते 48 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। 14 अगस्त की रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का सिलसिला रविवार को भी रुक-रुक कर लगातार जारी है। इस मानसूनी झड़ी ने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया है। आलम यह है कि पिछले दो दिनों से आसमान में घने काले बादलों का डेरा है और सूर्य देव के दर्शन तक नहीं हुए हैं। लगातार सीलन और पानी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। छुट्टी का दिन होने के बावजूद लोग घरों में ही कैद रहने को मजबूर दिखे। रविवार को सुबह 8:30 बजे से शाम शाम 5:30 बजे तक 12.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। चौबीस घंटे में 18.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा 388.8 मिमी पर पहुंंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से ज्यादा वर्षा होने की संभावना है।16 अगस्त को सुबह 08:30 बजे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में बना। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक स्पष्ट होने की बहुत संभावना है। रविवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह के वक्त आद्रता 95 और शाम को 98 प्रतिशत दर्ज की गई। पश्चिमी हवाएं 5 से 6 किमी की रफ्तार से चली।
