
इंदौर. राजेंद्र नगर क्षेत्र में लगातार कार चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है. तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को पीथमपुर से गिरफ्तार किया है. गैंग पहले कॉलोनियों की रेकी करती थी, फिर बिजली बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के बाद कार चोरी करती और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे खपा देती थी.
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 29 जुलाई से 5 अगस्त के बीच तीन कार चोरी हुई थीं. जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले. इसके बाद आगरा बॉम्बे रोड और पीथमपुर टोल की फुटेज के जरिए संदिग्धों के आने जाने का रास्ता चिन्हित किया. जांच में चोरी की एक कार पीथमपुर में फोर्स मोटर्स के पास लावारिस खड़ी मिली. पुलिस ने करीब 36 घंटे तक उस पर नजर रखी. कार लेने पहुंचे तीन पुरुष और एक महिला जैसे ही उसमें सवार होकर पीथमपुर ब्रिज की ओर रवाना हुए, टीम ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी इमरान और मोहम्मद तोफिक तथा मुंबई निवासी वर्षा और राजीव शुरी के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपियों ने राजेंद्र नगर क्षेत्र से तीन कार चोरी करना स्वीकार किया है.
गैंग चोरी से पहले ऐसे इलाकों को चिन्हित करती थी, जहां कारें आसानी से निशाना बन सकें. वारदात से पहले बिजली सप्लाई बंद कर सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित की जाती थी. चोरी के बाद वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उनकी पहचान बदल दी जाती थी. महिला आरोपी की मौजूदगी का इस्तेमाल भी संदेह से बचने के लिए किया जाता था. पुलिस ने आरोपियों से दो स्विफ्ट कारें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मैगनेट, कटर और अन्य औजार जब्त किए हैं. दोनों कारों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए है. तीसरी कार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं. पुलिस अब आरोपियों से दूसरे राज्यों में की गई वारदातों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है.
आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है…..
पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई. प्रारंभिक पूछताछ में अंतरराज्यीय स्तर पर वाहन चोरी से जुड़े इनपुट मिले हैं. आरोपियों के नेटवर्क और पूर्व की वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है.
नरेंद्र रावत, डीसीपी जोन 1
