भोपाल। पुलिस ने शहर में अपराध और नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए माइक्रो बीट व्यवस्था को मजबूत करने की नई पहल शुरू की है। इसके तहत अलग-अलग इलाकों में भरोसेमंद नागरिकों को ‘माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी’ बनाया जाएगा। इन नागरिकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि वे बिना डर के अपने इलाके की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें।
‘सीक्रेट नागरिक’ अपने क्षेत्र में नशे के कारोबार, संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी, जिससे अपराध होने से पहले उसकी आहट मिल सके।
खास बात यह है कि यह व्यवस्था सिर्फ अपराधियों पर नजर रखने तक सीमित नहीं रहेगी। अगर कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही करता है या गलत लोगों को संरक्षण देता है, तो उसकी जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, माइक्रो बीट व्यवस्था के जरिए मिलने वाली सूचनाओं और उन पर की गई कार्रवाई की हर महीने समीक्षा की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इस पहल से पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और भोपाल में अपराध पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
