इंदौर: प्रदेश पटवारी संघ द्वारा विभिन्न मांगो को लेकर हड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर कार्यालय के सामने भी जिले पटवारी पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर बैठे है. आज पटवारी संघ ने सरकार द्वारा मांगे नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी है.
प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश दिए थे. इसके बाद कलेक्ट्रेट, नगर निगम, आईडीए, शिक्षा विभाग सहित कई विभागों में पदोन्नति कर दी गई. विभिन्न विभागों में पदोन्नति होने के बाद सरकार ने पटवारियों की पदोन्नति पर कोई आदेश नहीं दिए.
इसको लेकर पूरे प्रदेश के पटवारी 4 अगस्त से हड़ताल पर है. इंदौर में भी पटवारी संघ के आह्वान पर पिछले तीन दिनों से कलेक्टर कार्यालय के सामने पटवारी हड़ताल कर रहे है. पटवारियों की मांग है कि कई सालों से पदोन्नति और वेतन भत्ते में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। इसको लेकर हड़ताल की जा रही है. इंदौर के विभिन्न तहसीलों में करीब 350 पटवारी कार्यरत है. पटवारियों की हड़ताल से राजस्व विभाग से जुड़े, नामांतरण , बंटवारा, सीमांकन और खसरा खतौनी के साथ विभिन्न तरह के प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट का काम ठप पड़ा हुआ है. पटवारी संघ के जिला सचिव प्रदीप तिवारी ने कहा कि हमारी पांच प्रमुख मांगे है, जिसमें पदोन्नति और वेतन भत्ते बढ़ोतरी मुख्य है. सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसके चलते हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल की तरफ बढ़ रही है. मांगे नहीं मानी तो हम काम पर नहीं लौटेंगे
