
जबलपुर। शहर में मेट्रो (चलो) बस सेवा के चालक, कंडक्टर और कर्मचारियों ने वेतन में लगातार हो रही देरी और पीएफ की अनियमितताओं को लेकर गुरूवार को उग्र प्रदर्शन किया और शहर की सड़कों पर रोजाना की तरह दौड़ती मेट्रो बसों के पहिए जाम कर दिए। जानकारी के अनुसार गुरूवार को शहर में दिनभर मेट्रो बसों का संचालन नहीं किया गया जिसका नतीजा रहा कि आगा चौक स्थित मेट्रो बस डिपो में मेट्रो बसें खड़ीं रहीं और बसों के न निकलने के कारण दैनिक यात्रियों, स्कूली छात्रों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गुरूवार को मेट्रो बसों के चालकों, परिचालकों का समूह एकत्रित हुआ और फिर उन्होंने कंपनी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे, हड़ताल, प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड यानि जेसीटीसीएल के सीईओ सचिन विश्वकर्मा पहुंचे जिन्होंने चालक, परिचालकों को समझाईश दी और उन्हीं के सामने उनका वेतन देने वाली दोनों कंपनियों के ऑपरेटर्स को निर्देश दिए कि चालक, परिचालकों का वेतन समय पर दिया जाए और उनकी पीएफ से जुड़ी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। इसके बाद ऑपरेटर्स ने भरोसा दिलाया कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। जेसीटीसीएल के सीईओ भले ही अभी दावा कर रहे हैं कि आक्रोशित चालकों, परिचालकों ने अपनी हड़ताल, प्रदर्शन खत्म कर दिया है और शुक्रवार को शहर की सड़कों पर यथावत मेट्रो बसें दौड़ती नजर आएंगी लेकिन ये तो शुक्रवार को ही स्पष्ट होगा कि आक्रोश खत्म हुआ है कि नहीं।
50 दिनों के अंतराल में होता है भुगतान
मेट्रो बस डिपो के कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हर महीने सैलरी के लिए तरसना पड़ता है और 40 से 50 दिनों के अंतराल में भुगतान किया जाता है। इसके अलावा कई महीनों का पीएफ भी उनके खातों में जमा नहीं कराया गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि जब वे अपने हक का वेतन या पीएफ का हिसाब मांगते हैं, तो प्रबंधन और कंपनी के अधिकारियों द्वारा उन्हें नौकरी से निकालने और ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां दी जाती हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने ये चेतावनी भी दी है कि जब तक उनकी बकाया सैलरी और पीएफ का भुगतान नहीं किया जाता और समय पर वेतन देने की लिखित गारंटी नहीं मिलती तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
