तेहरान, 04 अगस्त (वार्ता) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इस्तीफा देने से जुड़ी अटकलों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि वह अपने पद पर बने रहने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और देश के सैन्य नेतृत्व के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।
श्री पेज़ेश्कियान ने ईरान के सरकारी समाचार चैनल को दिये गये एक साक्षात्कार में कहा, “ मैं इस्तीफा नहीं दूंगा और अडिग रहूंगा। अगर मैं इस्तीफा देता हूं तो आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा करूंगा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। ”
श्री पेजेश्कियान का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब वरिष्ठ धर्मगुरु मोहम्मद बाकिर खर्राज़ी ने दावा किया कि श्री पेजेश्कियान कई बार इस्तीफा देने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने अपनी चेतावनी तभी वापस ली थी जब उनसे कहा गया कि भविष्य में पेश किया गया कोई भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया जायेगा।
श्री पेज़ेश्कियान की स्थिति को लेकर महीनों से अफ़वाहें चल रही हैं। ‘ईरान इंटरनेशनल’ ने मई में रिपोर्ट दी थी कि राष्ट्रपति ने सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के दफ़्तर को इस्तीफ़ा सौंप दिया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अहम फ़ैसलों के मामले में उनके प्रशासन को दरकिनार कर दिया गया, जबकि कट्टरपंथी गुटों ने नियंत्रण मज़बूत कर लिया। उस समय ईरानी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों का खंडन किया था।
उसी साक्षात्कार में, श्री पेज़ेश्कियान ने देश के अपनी रक्षा के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि ईरान का सैन्य संघर्ष को लंबा खींचने या बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, “ हम अपनी सीमाओं की रक्षा करेंगे, लेकिन हम युद्ध का विस्तार करने या इसे जारी रखने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने संघर्ष को ‘एक बीमारी’ बताया जो समाज और राष्ट्रों को समान रूप से नुकसान पहुंचाता है।उन्होंने राष्ट्रीय एकता के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि आपसी मतभेद कम करने से बाहरी खतरों के खिलाफ़ ईरान मज़बूत होगा। उन्होंने कहा, “ हमें ऐसे हालात में एक स्वस्थ समाज बनाने के लिए काम करना चाहिए ताकि दुश्मन इसमें घुसने, हमारे सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने और इसे बर्बाद करने की हिम्मत न करे। ”
इस बीच, जनता के साथ श्री पेज़ेश्कियान की खुलकर की गयी बातचीत चार हिस्सों में जारी की जाएगी, जिसकी शुरुआत मंगलवार रात से होगी। पहले से रिकॉर्ड किये गये इस संबोधन में, श्री पेज़ेश्कियान ने पिछले दो सालों में प्रशासन की उपलब्धियों और कामों का ज़िक्र करते हुए मौजूदा मुद्दों, खासकर युद्ध और बातचीत के विषय पर बात की है।
