उज्जैन: सावन के प्रथम रविवार को महाकाल मंदिर में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए. अब सावन के पहले सोमवार को भगवान महाकाल की प्रथम सवारी निकलने जा रही है, जिसके लिए प्रशासन ने लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान लगाया है. इसी को देखते हुए रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दिनभर तैयारियों को अंतिम रूप दिया.
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सवारी मार्ग में बड़े बदलाव किए गए हैं. जिन स्थानों पर पहले संकरी गलियों और सड़कों के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी, वहां चौड़ीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है. कई मार्गों को फोरलेन स्वरूप दिया गया है तथा सवारी के दौरान बीच में बैरिकेडिंग की जाएगी, जिससे बाबा महाकाल की पालकी मध्य मार्ग से निकलेगी और श्रद्धालु दोनों ओर सुरक्षित खड़े होकर दर्शन कर सकेंगे. निर्माण, सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण का कार्य पिछले कई दिनों से जेसीबी, पोकलेन मशीनों और बड़ी संख्या में मजदूरों की मदद से दिन-रात चलाया गया.
कुल 6 सवारी निकलेगी
रविवार दोपहर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में त्रिवेणी संग्रहालय सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित की गई. इसमें बताया गया कि श्रावण मास में चार तथा भादौ मास में दो सवारियां निकाली जाएंगी. प्रथम सवारी 3 अगस्त को तथा अंतिम राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। प्रशासन ने सभी छह सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की हैं.
यह रहेगी सभी अलग थीम
– 3 अगस्त (प्रथम सवारी)ः वैदिक उद्बोधन, क्षिप्रा तट पर 1100 वैदिक बटुकों द्वारा मंत्रोच्चार एवं पूजन।10 अगस्त (द्वितीय सवारी) – मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां।
– 17 अगस्त (तृतीय सवारी) : पुलिस, सेना, होमगार्ड, विद्यालयीन एवं निजी बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां। 24 अगस्त (चतुर्थ सवारी) – पर्यावरण संरक्षण का संदेश, जनजागरूकता पर आधारित झांकियां.
– 31 अगस्त (पंचम सवारी)ः 84 महादेव की भव्य झांकी, धार्मिक विरासत का प्रदर्शन.
– 7 सितंबर (राजसी शाही सवारी) : सिंहस्थ-2028 की विशेष झांकी और ड्रोन से पुष्पवर्षा।
– विशेष आकर्षणः सभी छह सवारियों में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय एवं लोकनृत्य दल अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
मुख्यमंत्री के आने की संभावना
रविवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित सभी विभागों के अधिकारियों ने सवारी मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही 4 अगस्त को निकलने वाली समर्पण कांवड़ यात्रा की तैयारियां भी समानांतर रूप से जारी हैं, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की संभावना है।
