
भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित कैडर समीक्षा को देखते हुए करीब 32 नए आईपीएस पद सृजित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो प्रदेश में वर्तमान 319 आईपीएस पदों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर तक विभिन्न रैंकों में नए पद बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रशासन शाखा ने प्रारंभिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के अनुमोदन के बाद ही होगा और पूरी प्रक्रिया में एक से डेढ़ वर्ष का समय लग सकता है।
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को भी होगा लाभ
प्रस्ताव के अनुसार यदि केंद्र सरकार सभी 32 नए पदों को मंजूरी देती है तो इनमें से लगभग 33 प्रतिशत पद राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत होकर आईपीएस बनने वाले अधिकारियों के लिए आरक्षित होंगे। इस स्थिति में करीब 10 अधिकारियों को सीधे लाभ मिल सकता है।
हालांकि पिछले अनुभव को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की पूरी मांग स्वीकार होने की संभावना कम मानी जा रही है। पिछली कैडर समीक्षा के दौरान भी राज्य ने बड़ी संख्या में नए पदों की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने केवल लगभग 5 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी थी।
नौ साल पीछे चल रही कैडर समीक्षा प्रक्रिया
केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आईपीएस कैडर की समीक्षा हर पांच वर्ष में होनी चाहिए। वर्ष 2003 के बाद यह समीक्षा 2008, 2013, 2018 और 2023 में होनी थी, लेकिन तय समय पर ऐसा नहीं हो सका।
प्रदेश में वर्ष 2003 के बाद पहली समीक्षा 2010, दूसरी 2015 और तीसरी 2022 में लागू हुई। इस प्रकार निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अब तक पांच बार समीक्षा हो जानी चाहिए थी, लेकिन केवल चार बार ही प्रक्रिया पूरी हो सकी। इससे कैडर समीक्षा का पूरा कार्यक्रम करीब नौ वर्ष पीछे चल रहा है। अब पुलिस मुख्यालय ने आगामी 2027 की कैडर समीक्षा को समय पर लागू कराने के उद्देश्य से तैयारी शुरू कर दी है।
