
रतलाम। बढ़ते स्क्रीन टाइम और डिजिटल उपकरणों के दौर में आंखों की सेहत को लेकर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, रतलाम मंडल ने अनूठी पहल की। संगठन की अध्यक्षा डॉ. श्रीमती अर्चना शर्मा के मार्गदर्शन में रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘योगिक दृष्टि’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को योग के माध्यम से आंखों की सुरक्षा और मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार योग साधक राजीव श्रीवास्तव ने योगिक दृष्टि की अवधारणा समझाते हुए आंखों को स्वस्थ रखने वाले विभिन्न योग अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, योग मुद्राएं, जल नेति, त्राटक, चंद्रभेदी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यशाला में बताया गया कि लगातार कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के उपयोग से आंखों पर बढऩे वाले दबाव को नियमित योगाभ्यास से कम किया जा सकता है। इन अभ्यासों से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, थकान कम होती है और दृष्टि संबंधी समस्याओं की आशंका भी घटती है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि योगिक दृष्टि के नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, केंद्रीय एवं परिधीय दृष्टि बेहतर होती है, पढऩे की क्षमता में सुधार आता है और मानसिक तनाव पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। निकट और दूर दृष्टि संबंधी समस्याओं में भी यह अभ्यास लाभकारी माना जाता है।
विद्यालय के प्राचार्य जयदेव गोस्वामी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने योगिक अभ्यासों को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा डॉ. श्रीमती अर्चना शर्मा ने कहा कि स्वस्थ आंखें, स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी सशक्त बनाते हैं।
