
जबलपुर। पति के द्वारा हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया है कि उसकी पत्नी का मायके पक्ष वालो ने अपहरण कर लिया है। मायके पक्ष के लोग उसके बंधक बनाकर रखे हुए है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने पुलिस को निर्देशित किया है कि वह महिला को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।
मैहर जिले के उदयपुर निवासी रोहित कुमार चैधरी की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उनसे मई माह में प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह करने के कारण पत्नी के मायके पक्ष नाराज थे और पुलिस के माध्यम से उन्हें तथा परिजनों को प्रताड़ित करवाते थे। जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस व जिला प्रशासन को सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में आवश्यकता अनुसार निर्णय लेने के आदेश जारी किये थे।
याचिका में कहा गया था कि इसके बाद वह अपनी पत्नी व भाई के साथ दिल्ली जाकर रहने लगा था। लडकी के मायके पक्ष के लोग विगत 26 जुलाई को उनके दिल्ली स्थित घर आये। मायके पक्ष के लोगों ने उसके तथा भाई के साथ मारपीट करने हुए पत्नी का अपहरण कर ले गये। इस दौरान पत्नी ने उसे फोन कर बताया कि मायके पक्ष वाले लोग उसे बांधकर रखते है और किसी से मिलने नही देते है। अवसर पाकर वह उसे फोन लगाया है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से ब्रम्हेन्द्र पाठक ने पैरवी की।
