

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस का 15 दिवसीय राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” पाँच विश्व रिकॉर्ड के साथ संपन्न हो गया। 15 से 30 जुलाई तक चले इस अभियान को प्रदेश में नशे के विरुद्ध अब तक के सबसे बड़े जन-जागरूकता अभियानों में शामिल माना जा रहा है, जिसने व्यापक जनसहभागिता के बल पर सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में संचालित अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखना, नशा मुक्ति, परामर्श एवं पुनर्वास को बढ़ावा देना तथा समाज में पुलिस की सहभागितापूर्ण भूमिका को सशक्त बनाना था।
अभियान के दौरान प्रदेशभर के स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरों में रैलियां, नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाएं, शपथ समारोह, डिजिटल जागरूकता अभियान, रेडियो कार्यक्रम और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की गईं। स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, विभिन्न शासकीय विभागों, युवा संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ।
सिनेमा, टेलीविजन, संगीत, खेल, साहित्य और आध्यात्मिक क्षेत्र की 60 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी नशामुक्त जीवन का संदेश देकर अभियान को समर्थन दिया।
अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने नशा मुक्ति शपथ, मानव श्रृंखला, छात्र सहभागिता और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में व्यापक जनभागीदारी के आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस के पाँच विश्व रिकॉर्ड प्रमाणित किए।
अभियान के समापन पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस बल, जिला प्रशासन, सहयोगी विभागों तथा प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध सामाजिक एकजुटता ही सबसे प्रभावी हथियार है।
